13 वर्ष बाद खारिज दाखिल कराते समय बैनामेदार को हुई जानकारी
बैनामा करने वाले की 2015 में हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कलवारी। पति-पिता की बेची जमीन पर मां-बेटे के लोन लेने का मामला प्रकाश में आया है। बैनामा लेने वाले को इस बात की जानकारी 13 वर्ष बाद तब हुई जब वह खारिज दाखिल कराने लगा। न्यायालय के आदेश पर कलवारी पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है।
न्यायालय में दिए गए प्रार्थनापत्र में हीरावती पत्नी रामरूप निवासी धनौवा थाना कलवारी ने कहा है कि गांव के बुधिराम से 26 मार्च 2010 को पांच गाटों से 211 एयर जमीन निर्धारित रुपये डेढ़ लाख देकर बैनामा कराया था। बैनामा के कुछ दिन बाद बुधिराम की मौत हो गई। वह 26 मई 2023 को बैनामा सुदा जमीन के दाखिल खारिज पति के साथ कराने तहसील पहुंची तो पता चला कि वर्ष 2015 में बुधिराम की मौत के बाद उनके बेटे अनिल कुमार व उनकी पत्नी संवारी देवी ने वरासत कराकर बडौदा यूपी बैंक के गायघाट शाखा से 1,67,000 रुपये लोन ले लिया गया है। जबकि दोनों लोग यह जानते थे कि जमीन बुधिराम बेच चुके हैं।
उन्होंने यह भी लिखा है कि तहसील कर्मियों की मिली भगत से उनकी जमीन हड़पने की नियत से अनिल कुमार व संवारी देवी ने कूटरचित तरीके से लोन लिया। न्यायालय ने 11 अगस्त 2023 को आरोपियों पर केस पंजीकृत करने का आदेश दिया था। थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।