बस्ती। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद मंदिर और मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति लेने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। पांच दिन में 125 से अधिक अनुमति के लिए आवेदन किए गए। इनमें सबसे अधिक संख्या मस्जिदों में बजने वाले लाउडस्पीकरों की हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधक की ओर से अभी तक एक भी आवेदन नहीं किए गए हैं। एडीएम भगवान शरण ने बताया कि सभी आवेदनों को संबधित तहसील के एसडीएम के पास सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। एसडीएम की अनुमति के बाद यह जानकारी हो सकेगी कि जिले में कितने मंदिर और मस्जिद में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल होगा।
कलेक्ट्रेट और एडीएम कार्यालय में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति लेने के लिए थोक में आवेदन आ रहे हैं, यह आवेदन डाक से और लोग खुद भी ला रहे हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने इसके लिए अलग से काउंटर खोल दिया है। एडीएम ने बताया कि कलेक्ट्रेट स्थित संबंधित पटल पर आवेदन जमा करने की व्यवस्था बनाई गई है। बताया कि शासन की ओर से अभी तक आवेदन करने की अंतिम तिथि घोषित नहीं की गई है, मगर हाईकोर्ट के निर्णय के मुताबिक नियम विरुद्ध लाउडस्पीकर बजाने वाले मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे के खिलाफ 20 जनवरी के बाद कार्रवाई करने की बात कही गई है।
धार्मिक एवं पूजा अर्चना की भी लेनी होगी अनुमति
लाउडस्पीकर का उपयोग करने के लिए आवेदनकर्त्ता को ध्वनि प्रदूषण नियम के तहत अनुमति लेना अनिवार्य है। एडीएम ने बताया कि मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे में नियमित प्रयोग होने वाले लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति तो लेनी ही होगी, साथ ही इसके अतिरिक्त लोगों को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पूजा अर्चना कार्य के लिए भी अनुमति लेनी होगी। अगर कोई धार्मिक कार्यक्रम एक या उससे अधिक दिन तक चलेगा तो उतने दिन की अनुमति लेनी होगी। अनुमति लेने के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। बस एक प्रोफार्मा पर आवेदन करना होगा, जिसमें आवेदक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल, स्थल खुला या बंद हैं का ब्योरा देने होगा।
सबसे अधिक सदर तहसील का आवेदन
12 जनवरी तक 125 आवेदन अब तक आए है। इनमें सबसे अधिक सदर तहसील में मस्जिद के लिए 52 मंदिर 10 मंदिर, हर्रैया में मस्जिद के लिए 30 मस्जिद और मंदिर के लिए एक, रूधौली में मस्जिद के लिए 21 और भानपुर तहसील क्षेत्र में मस्जिद के लिए 11 आवेदन किए गए है। इन दोनों तहसीलों में एक भी मंदिर का आवेदन नहीं किया गया है। वही पूरे जिले में अभी तक एक भी गुरुद्वारे का आवेदन नहीं आया है।