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Basti News: बीत गया माह... नहीं चालू हुआ ऑपरेशन थियेटर, मरीजों की संख्या घटी

Fri, 09 Aug 2024 03:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- सी-आर्म और ऑटो क्लेव मशीन खराब, लौटाए जा रहे सर्जरी के मरीज
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- केवल मेडिसिन विभाग में भर्ती किए जा रहे, मरीज माफिया सक्रिय
संवाद न्यूज एजेंसी

बस्ती। जिला अस्पताल की सर्जरी व्यवस्था फेल है। एक माह बीत गए ऑपरेशन थियेटर बंद चल रहा है। यहां लगी मशीनें खराब चल रही हैं। अस्पताल प्रशासन इसे ठीक नहीं करा सका है। सर्जरी केस नहीं लिए जा रहे हैं, जिससे यहां भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या घट गई है। 300 बेड के अस्पताल में बमुश्किल 200 मरीज ही भर्ती हैं। इनमें अधिकांश मेडिसिन या चिल्ड्रेन विभाग के मरीज शामिल हैं।
जिला अस्पताल में मरीज माफियाओं की इस समय सक्रिय हो गए हैं। यहां हड्डी टूटने या गंभीर चोट लगने से आने वाले मरीजों के ऑपरेशन की व्यवस्था नहीं है। इस वजह से चिकित्सक प्राथमिक उपचार के बाद सर्जरी से संबंधित मरीजों को रेफर कर रहे हैं। मरीज माफिया इस अवसर का खूब लाभ उठा रहे हैं। वह मरीजों को निजी नर्सिंग होम पहुंचा दे रहे हैं। जानकार बताते हैं कि मरीज माफियाओं के चलते जिला अस्पताल की ओटी चालू नहीं हो पा रही है। महीने भर से यहां सर्जरी के लिए लगी सी-आर्म और ऑटो क्लेव मशीन खराब है। इस वजह से सर्जरी नहीं हो पा रही है। मरीज और सर्जरी के चिकित्सक यहां आना बंद कर दिए हैं, जबकि ओटी में एक साथ दो मरीजों के सर्जरी की व्यवस्था है।
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इसके बाहर एक ड्रेसिंग कक्ष और सर्जरी के बाद मरीजों को रखने के लिए तीन बेड का भी इंतजाम है। ओटी में लगी सी-आर्म मशीन जून में खराब हो गई। तभी से यह बन नहीं पाई। इंजीनियर बुलाए गए लेकिन फाल्ट न समझ में आने की बात कहकर चले गए। अब फ्रैक्चर व अन्य तरह के सर्जरी से संबंधित मरीज यहां नहीं पहुंच रहे हैं। नियमित सर्जरी न होने से इसमें प्रयोग होने वाले अन्य उपकरण भी रखने से खराब होने लगे हैं।


वापस कर दिए जा रहे सर्जरी के मरीज
मार्ग दुर्घटना एवं अन्य वजहों से अस्पताल में आने वाले सर्जरी के मरीज प्राथमिक उपचार के बाद लौटा दिए जा रहे हैं। रोजाना दो से चार मरीज रेफर किए जा रहे हैं। इस वजह से अस्पताल के सर्जरी वार्ड खाली पड़े हैं। केवल मेडिकल वार्ड में ही भर्ती मरीज ज्यादातर देखे जा रहे हैं।


ओटी में ऑपरेश नहीं होने से फांस रहे मरीज माफिया
दुर्घटना में घायल मरीजों एवं अन्य सर्जरी से जुड़े केस अस्पताल में पहुंचते ही मरीज माफिया सक्रिय हो जा रहे हैं। वह मरीज के आगे-पीछे घूमना शुरू कर दे रहे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद जिम्मेदार तीमारदारों की ओटी बंद होने की खबर देते हैं, इसी के बाद मरीज माफिया सेटिंग में लग जाते हैं। जिम्मेदारों की इस पर मौन सहमति रहती है, जिससे भरोसे में आकर मरीज और तीमारदार मरीज माफियाओं के साथ निजी नर्सिंग होम में चले जा रहे हैं, यहां तक कि कुछ चिकित्सक भी मरीजों को निजी नर्सिंग होम पहुंचाने में मरीज माफियाओं की मदद कर रहे हैं और ड्यूटी पूरी होने के बाद वह खुद संबंधित जगह पर पहुंचकर निजी व्यवस्था में मरीज का इलाज कर रहे हैं। इसके बदले मरीजों को मनमानी रकम चुकानी पड़ रही है।
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सी-आर्म और आटो क्लेव मशीन ठीक कराने के लिए आपूर्तिदाता कंपनी के इंजीनियर बुलवाए गए थे लेकिन इन्हें ठीक नहीं कर पाए। शासन से नई मशीन की डिमांड कर दी गई है, जैसे ही मशीन आवंटित होगी ओटी चालू करा दिया जाएगा।
- डॉ. वीके सोनकर, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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