बैसाखी पर्व एवं खालसा पंथ का 318वां स्थापना दिवस पर गुरुद्वारों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गुरुद्वारा गुरु गोविंद सिंह चौक कंपनी बाग में कीर्तन दरबार एवं लंगर का आयोजन किया गया।
देश एवं धर्म की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले गुरु गोविंद सिंह के व्यक्तित्व पर कार्यक्रम हुए।बीबी परविंदर कौर, ज्ञानी प्रदीप सिंह एवं ज्ञानी सुखचैन सिंह रागी जत्था ने %खालसा मेरो रूप है खास, खालसा में हो करो निवास एवं प्रगटियो खालसा परमात्मा की मौज% सुनाकर संगत का मन जीत लिया।कीर्तन दरबार बोले से निहाल, सत श्री अकाल के जयघोष वातावरण में गूंजता रहा। ऐसे शिशुओं जिनकी पहली बैसाखी थी उन्हें अमृतपान कराया गया। सदर विधायक दयाराम चौधरी, नगरपालिका अध्यक्ष अशोक गुप्ता को कमेटी की तरफ से सम्मानित किया गया। पूर्वांचल सिक्ख कमेटी के अध्यक्ष सरदार जगबीर सिंह ने कहा कि सिक्खों के 10वें गुरु भक्ति, शक्ति के प्रतीक गुरुगोविंद सिंह पंच प्यारे तैयार कर बगैर ऊंच नीच भेदभाव के खालसा पंथ की स्थापना 1699 आनंदपुर साहिब पंजाब में की।संगत का धन्यवाद गुरुसिंह सभा गांधी नगर के प्रधान सरदार हरबंश सिंह ने किया। कहा कि खालसा पंथ के स्थापना उद्देश्यों पर चलकर ही जीवन सफल बनाया जा सकता है। लंगर की सेवा कंपनीबाग में सरदार महेन्दर सिंह व उनकी माता जीत कौर एवं सुरजीत सिंह व सरदार हरबंश सिंह की तरफ से किया गया। कार्यक्रम में सचिव सरदार जगबीर सिंह, हरभजन सिंह, जोगेंदर सिंह, महेंदर सिंह, प्रीतम सिंह, जसवंत सिंह, उजागिर सिंह, कुलवेंद्रर सिंह, अजीत सिंह, लखविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, त्रिलोचन सिंह, गुरनाम सिंह, दमन प्रीत सिंह, सरबजीत सिंह सतनाम सिहं, अमर जीत सिंह, परमजीत सिंह, प्रभुप्रीत सिंह, तनप्रीत सिंह, रविंदरपाल सिंह, अमनदीप सिंह आदि लोग शामिल रहे।