गौर। मनरेगा में गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार ने कठोर नियम बनाए हैं। अब मनरेगा मजदूरों की कार्यस्थल पर मोबाइल से आंख की पुतली और चेहरे की स्कैनिंग कर पलक झपकते हुए फोटो के साथ ऑथेंटिकेशन हाजिरी लगेगी। इसको लेकर बीडीओ गौर ने ब्लॉक सभागार में शुक्रवार को सभी रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षित किया।
गौर ब्लाॅक सभागार में आयोजित प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए बीडीओ केके सिंह ने बताया कि मनरेगा योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार की ओर से कठोर नियम बनाए गए हैं, सभी रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षित करते हुए बीडीओ ने कहा कि मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत में काम करने वाले मजदूरों का कार्य स्थल पर मौजूद प्रत्येक अलग-अलग मजदूर का (एनएमएमएस) मनरेगा मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप के माध्यम से रोजगार सेवक चेहरे के साथ आंखों के पलक झपकते हुए फोटो लेने के साथ हाजिरी लगाएंगे।
तभी मजदूर की ऑथेंटिकेशन हाजिरी मानी जाएगी। मजदूरों की ई केवाईसी का काम लगभग पूरा हो गया है, जो आगामी 23 फरवरी से नए नियम लागू होगा। नई व्यवस्था के लागू होने से अब मनरेगा योजना में धांधली करने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। योजना का लाभ मनरेगा मजदूरों को मिलेगा।
प्रशिक्षण में प्रेमनारायण, अनुज, रामलाल यादव, दिनेश यादव, विनोद, अशोक उपाध्याय, ओमप्रकाश, अमित श्रीवास्तव, श्रवण पाण्डेय, उर्मिला देवी, अवधेश, रविंद्र, सोमइ प्रसाद, सुदेश आदि मौजूद रहे।