पोर्टल पर अपलोड किया गया मनरेगा का मस्टररोल।
मनरेगा में फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अधिकारियों के संरक्षण पर फर्जीवाड़ा करने वाले रोजगार सेवक, प्रधान व सचिव फलफूल रहे हैं। तभी तो ऑनलाइन अपलोड मस्टररोल और कार्य स्थल पर काम कर रहे मजदूरों की उपस्थिति में भिन्नता मिल रही है।
बहादुरपुर ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत गौसपुर में दो जगहों पर चकबंद निर्माण के लिए आठ मस्टर रोल पर 62 मजदूरों की उपस्थिति शुक्रवार को दर्ज की गई। पंचायत के एक व्यक्ति ने इसकी सूचना फोन पर अमर उजाला को दी। हमने कार्यस्थल की पड़ताल की तो स्थिति मस्टर रोल के विपरीत मिली।
पंचायत के पहले कार्यस्थल रसोईया गांव में मोहित के खेत से श्यामचंद के खेत तक चकबंद निर्माण के लिए चार मस्टर रोल पर 31 मजदूरों की उपस्थित दर्ज की गई है। जबकि मौके पर महज छह मजदूर काम करते मिले। दूसरे कार्यस्थल इसी पंचायत के गौसपुर में अंबिका पांडेय के खेत से लल्लू के घर तक शुक्रवार को चार मस्टर रोल पर 31 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई थी जबकि मौके पर कोई काम भी काम करता हुआ नहीं पाया गया। उल्लेखनीय है कि मजदूरों की उपस्थित का ऑनलाइन फोटो रोजगार सेवक या मनरेगा मेट की ओर से पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।
बहादुरपुर बीडीओ वर्षा बंग ने कहा कि दोनों कार्यों व फोटो की जांच सेक्टर प्रभारी से कराई जाएगी। यदि पोर्टल पर अपलोड फोटो और काम कर रहे श्रमिकों की उपस्थिति में भिन्नता मिली तो कार्य को श्रमदान घोषित करते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।