संवाद न्यूज एजेंसी
सोनहा। थाना क्षेत्र के अमरौली शुमाली गांव के रामनगर टोला में जमीन के विवाद की सूचना पर पहुंचे डायल-112 के पुलिसकर्मियों से रविवार को महिला अधिवक्ता की बहस हो गई। आरोप है कि पुलिसकर्मी पहुंचते ही अपशब्द कहते हुए मारने-पीटने लगे।
मोबाइल से इसका वीडियो बनाते देख एक सिपाही भड़क गया और अधिवक्ता को अपशब्द कहने लगा। मौके से पुलिस चार लोगों को थाने ले गई। आरोप है कि थाने में उनकी जमकर पिटाई कर शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। इस पर हिंदू महासंघ के कार्यकर्ता थाने में धरने पर बैठ गए।
इधर, मामले की जानकारी महिला अधिवक्ता के सीनियर हिंदू महासंघ के अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री कुलदीप मिश्र को हुई तो वह महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह व अन्य सहयोगियों के साथ थाने पर पहुंच गए।
उन लोगों ने थाने में बैठाए गए लोगों को छोड़ने के लिए कहा, मगर पुलिस की तरफ से कहा गया कि इन सबका शांतिभंग की आशंका में चालान किया जा चुका है।इस पर हिंदू महासंघ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने में ही धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि जब तक पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज कर उन्हें निलंबित नहीं किया जाता है तब तक धरना चलता रहेगा।
उधर, महिला अधिवक्ता से बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों से सिपाही अरुण कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। मगर धरना दे रहे हिंदू महासंघ के कार्यकर्ता कहने लगे कि थाने में लाकर एक पक्ष के तीन लोगों की पिटाई की गई है।
थाने के सीसीटीवी में फुटेज की जांच की जाए और आरोपी पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज किया जाए। इस मामले में महिला अधिवक्ता संध्या चौधरी का कहना है कि गांव के विपक्षियों के दबाव में तीन पुलिसकर्मी रविवार की सुबह सात बजे उनके घर पहुंचे।
पिता अरविंद चौधरी को गाली देते हुए मारने-पीटने लगे। बीच-बचाव करने आए गांव के ध्रुवचंद्र यादव व दिलीप यादव को भी मारापीटा और जानमाल की धमकी देते हुए तीनों को उठाकर लाकर थाना में बंद कर दिया।
घटना के समय वह वीडियो बना रही थी तो सिपाही ने अपशब्द कहते हुए जानमाल की धमकी देकर फर्जी मुकदमे में फंसा देने को कहा।