अधिकतम 29 तो न्यूनतम 19 डिग्री पर पहुंचा तापमान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट से सुबह-शाम और रात को ठंड का अहसास हो रहा है। हालांकि दिन में अधिकतम तापमान 29 के आसपास बने रहने से लोग घर से निकलते समय लापरवाही बरत रहे हैं, जो शाम को घर लौटते समय भारी पड़ रहा है। इसके चलते इन दिनों जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ गए हैं।
रविवार को न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में काफी अंतर होने पर लोग इस मौसम को हल्के में ले रहे हैं। बिना ऊनी कपड़ा पहने घर से निकल रहे हैं।
शाम को चार बजे के बाद से ही मौसम में सिहरन महसूस होने के चलते वापसी में ठंड का अहसास होने लग रहा है। चिकित्सकों ने ऐसे मौसम में विशेष बचाव की सलाह दी है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डाॅ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार अगले रविवार तक अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। हालांकि, वातावरण में भरपूर नमी के कारण कोहरे की संभावना बनी हुई है। मंगलवार को हल्के बादल छाए रहने का अनुमान है।
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चिकित्सक की सावधान रहने की सलाह
जिला अस्पताल के फिजिशियप डॉ. रामजी सोनी बताते हैं कि बुखार, जुकाम, गले में खरास, मांसपेशियों में दर्द के मरीजों आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज मौसमी बीमारियों से पीड़ित आ रहे हैं। चिकित्सक उन्हें परामर्श व दवाओं के साथ सुबह-शाम फुल आस्तीन के कपड़े पहनने की सलाह दे रहे हैं। डॉ. रामजी सोनी बताते हैं कि बदलते मौसम में दवाओं से ज्यादा कारगर बचाव है। सुबह-शाम घर से निकलते या लौटते समय मोटे कपड़े पहनें। ठंडे पानी का सेवन बंद कर दें। प्रयास करें कि उबला हुआ पानी ही पिएं। मांसपेशियों में दर्द से बचने के लिए पंखा चलाकर न सोएं। इस मौसम में बच्चों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि बच्चों का बुखार तीन या चार दिन नहीं उतरे तो सतर्क हो जाना चाहिए।
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मौसम बहुत ही प्रतिकूल
- डाक्टर रामजी सोनी के अनुसार पिछले 10 दिन से न बहुत गर्मी है और न ही ठंडी। ऐसे में कई बैक्टीरिया के लिए यह अनुकूल है जो बीमारी को जन्म दे रहे हैं। जैसे बुखार और जुकाम के रोगियों की संख्या में एकाएक वृद्धि हुई है। तेज बुखार के साथ शरीर का टूटना और कई दिनों तक बुखार रहा तो टायफाइड और डेंगू से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। इसी कारण इस मौसम में डेंगू के केस बढ़ते हैं जैसा कि यहां भी मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीज पहुंच रहे हैं।
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