निगरानी समिति की बैठक को संबोधित करते सांसद।
- फोटो : amar ujala
बस्ती। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में नगर पालिका परिषद एवं डूडा में अनियमितताओं का मुद्दा छाया रहा। डीएम राज शेखर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को विकास भवन सभाकक्ष में सांसद हरीश द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा हुई। विकासपरक एवं निर्माणपरक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। नगर पालिका एवं डूडा के कार्यों में अनियमितता का मुद्दा एमएलसी प्रतिनिधि हरीश सिंह ने उठाया। डीएम राज शेखर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराने के साथ-साथ जांच कर दोेषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। सांसद द्विवेदी ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का निर्धारित समय में ही पात्रों तक लाभ पहुंचाने, ब्लॉकवार योजनाओं के प्रचार-प्रसार की बात कही। डीएम राज शेखर ने अधिकारियों से कहा कि विकास के प्रत्येक पहलुओं पर नजर रखें। साथ ही जनता की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। सीडीओ अरविंद कुमार पाण्डेय ने बिंदुवार विवरण रखा। परियोजना निदेशक आरपी सिंह ने सहयोग किया। सीएमओ सहित अन्य विभागीय अधिकारियों ने विकास कार्यों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। स्वयं सहायता समूहों के गठन व प्रगति पर डीएम ने तेजी लाने तथा प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। गांवों में कैंप लगाकर विभिन्न पेंशन योजनाओं की समीक्षा के भी निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना, कृषि सिंचाई योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना आदि की समीक्षा की गई। उज्ज्वला योजना में एक लाख 82 हजार के सापेक्ष एक लाख 18 हजार पात्रों को निशुल्क गैस कनेक्शन देने की जानकारी दी गई। सांसद ने वर्ष 2018 के अंत तक शेष पात्रों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अगस्त तक रिंग रोड बनने की शुरूआत की संभावना भी जताई। बैठक में महादेवा विधायक रवि सोनकर, हर्रैया विधायक अजय सिंह, रुधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल के अलावा सदर, कप्तानगंज एवं एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में जिलास्तरीय अधिकारियों के अलावा ब्लॉक प्रमुख, विकास, कल्याण, विद्युत, सहकारिता, कृषि, पीडब्लूडी, उद्यान, पंचायत, आरईएस, नगर पालिका, नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।