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Basti News: हाल-ए-मेडिकल कॉलेज...ठंड में कांप रहे मरीज, रैनबसेरा भी नहीं

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मेडिकल कॉलेज के वार्ड में बिना हीटर के भर्ती किए गए मरीज।
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बस्ती। कड़ाके के ठंड में मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों का बुरा हाल है। ओपेक चिकित्सालय कैली के वार्डों में भर्ती किए जा रहे मरीजों के लिए हीटर, ब्लोअर की व्यवस्था नहीं की गई है। टूटी खिड़िकियों पर पर्दा लगाकर काम चलाया जा रहा है। मरीजों का कहना है कि अधिकांश वार्ड ऊपरी तल पर होने के कारण रात में सर्द हवा सीधे कमरे में आ रही है। इससे बीमारी के साथ गलन का भी सामना करना पड़ रहा है।
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मेडिकल वार्ड में मिले तीमारदार राम प्रसाद ने बताया कि वह अपने मरीज को लेकर तीन दिन से भर्ती हैं। ठंड से बचाव का यहां कोई इंतजाम नहीं है। स्टॉफ रूम में हीटर, ब्लोअर देखने को मिल रहा है। मरीजों के वार्ड में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं मुकेश ने बताया कि अस्पताल से सिर्फ एक कंबल दिया गया है। यह ठंड रोकने के लिए नाकाफी हैं। मरीज को ठंड से बचाने के लिए घर से कंबल लेकर आना पड़ा है।
वहीं महिला वार्ड भर्ती मरीज के तीमारदार जोखन प्रसाद कहते हैं कि खिड़कियां टूटी हुई हैं। ठंड से बचने के लिए सिर्फ पर्दा लगाया गया है। खिड़की, दरवाजा बंद रखने के बाद भी कमरे में ठंडी हवा आ रही है। मरीज गलन की वजह से दो-दो कंबल ओढ़कर पड़े हुए हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से हीटर-ब्लोअर की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे परेशानी बढ़ गई है।
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नए बिल्डिंग में मिल रही राहत
मेडिकल कॉलेज के नए बिल्डिंग में स्थापित इमरजेंसी वार्ड और गायनी वार्ड में मरीजों को काफी राहत मिल रही है। इस बिल्डिंग में खिड़की, दरवाजा सही होने के कारण बाहर से हवा नहीं प्रवेश कर रही है। वार्डों में हीटर भी लगाए गए हैं। इससे मरीज और तीमारदारों को काफी राहत महसूस हो रही है। इसीलिए इस बिल्डिंग में भर्ती मरीज दूसरे वार्ड में नहीं जाना चाह रहे हैं। तीमारदार घूम फिरकर यहीं रुकना चाह रहे हैं।
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तीमारदारों के लिए नहीं बनाया गया रैनबसेरा
मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में रोजाना एक हजार से 1200 मरीजों का आवक है। लगभग इतनी ही संख्या में तीमारदार भी पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन भर्ती होने वाले मरीजों का आंकड़ा सौ के आसपास है। बावजूद इसके अस्पताल के अंदर रैनबसेरा नहीं बनाया गया है। तीमारदार अपने मरीज के साथ वार्ड में ही समय गुजार रहे हैं। लोगों को मरीज के अलावा अपने लिए भी घर कंबल, रजाई लानी पड़ रही है। बनकटी से आए प्रमोद कुमार ने बताया कि अस्पताल में तीमारदारों के रुकने के लिए रैन बसेरा की व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन, कुछ भी नहीं है। हम लोग वार्ड में ही खाली बेड या फर्श पर दरी बिछाकर सर्द भरी रात गुजार रहे हैं।

ओपीडी का मरम्मत कार्य अभी अधूरा
ओपेक चिकित्सालय कैली के पुराने भवन के मरम्मत के लिए दो साल पहले ही 16 करोड़ का बजट स्वीकृति किया गया है। बावजूद इसके ओपीडी से लेकर वार्ड तक का मरम्मत कार्य पूरा नहीं हुआ है। जबकि कई बार डीएम स्तर से कार्यदाई संस्था राजकीय निर्माण निगम को चेतावनी मिल चुकी है। आधा-अधूरा मरम्मत कार्य होने से ओपीडी में मरीजों, तीमारदारों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
मरीज और तीमारदारों को ठंड से बचाने के इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी वार्डों में हीटर की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। निर्माणाधीन बिल्डिंग में तीमारदारों के लिए रैनबसेरा भी एक दो दिन में बनवा दिया जाएगा।
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-डॉ. मनोज कुमार, प्रधानाचार्य।
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