- दो रेजीडेंट चिकित्सक पर पहले ही हो चुकी हैं कार्रवाई
- प्राइवेट प्रैक्टिस को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन सख्त है। यहां तैनात चिकित्सा शिक्षक, विभागाध्यक्ष या रेजीडेंट सभी चिकित्सकों को हिदायत मिली है। यदि मेडिकल कॉलेज का कोई भी चिकित्सक अस्पताल के अंदर या बाहर निजी प्रैक्टिस करते हुए पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध कॉलेज प्रशासन कार्रवाई करेगा।
प्रधानाचार्य डॉ. मनोज कुमार के तरफ से जारी चेतावनी पत्र में कहा गया है कि मेडिकल काॅलेज में तैनात कोई भी चिकित्सक यदि बाहर निजी प्रैक्टिस करते मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अक्सर शिकायतें मिल रही है कि कुछ विभागाध्यक्ष, चिकित्सा शिक्षक व सीनियर रेजीडेंट द्वारा बाहर प्राइवेट प्रैक्टिस की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि निजी प्रैक्टिस बंद कर दी जाए। अन्यथा ऐसे चिकित्सकों की जांच कराई जाएगी।
प्राइवेट प्रैक्टिस में जिसकी भी संलिप्तता पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। हिदायत यहां तक दी गई है कि मेडिकल कॉलेज में तैनात चिकित्सक के नाम का बोर्ड भी किसी निजी अस्पताल के बाहर नहीं लगा होना चाहिए। जांच में इसकी पुष्टि हुई, तो संबंधित चिकित्सक कार्रवाई की जद में आएंगे। अभी दो माह पहले मेडिकल कॉलेज में तैनात दो रेजीडेंट चिकित्सकों के खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस एवं मरीज को बाहर से जांच कराने के लिए प्रेरित करने के आरोप सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की गई है। नए फरमान से एक बार फिर यहां के चिकित्सक निजी प्रैक्टिस को लेकर सकते में आ गए हैं।
-
जिला अस्पताल में नहीं लग पा रहा प्रतिबंध
मेडिकल कॉलेज की तरह जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है। यहां तैनात आधा दर्जन से अधिक चिकित्सक अस्पताल से बाहर निजी नर्सिंगहोम संचालित कर रहे हैं। कुछ चिकित्सक परिसर में स्थित अपने आवास पर ही निजी प्रैक्टिस करते देखे जा रहे हैं। बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन सख्त नहीं हो पा रहा है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों को निजी प्रैक्टिस वाले ठिकानों पर भेजने की जोर आजमाइश हर समय हो रही है। विभागीय जानकार बताते हैैं कि यदि मेडिकल कॉलेज की तरह जिला अस्पताल में निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो तो इस परंपरा पर कुछ हद तक लगाम लग सकता है।
सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों के भी प्राइवेट प्रैक्टिस पर प्रतिबंध है। यदि किसी चिकित्सक के प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत मिलेगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ।