शहर में चल रहे फाइलेरिया रोधी अभियान की जांच करते अधिकारी
बस्ती। फाइलेरिया उन्मूलन के तहत चल रहे एमडीए अभियान में सांऊघाट ब्लॉक की प्रगति खराब है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि फाइलेरिया को दूर भगाने के लिए दवा का सेवन जरूरी है। अब तक एक लाख 71 हजार से अधिक लोगों को फाइलेरियारोधी खुराक दी जा चुकी है।
आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को दवा खिला रहे। गर्भवती और अति गंभीर बीमार को दवा नहीं दी जा रही। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को कीड़े मारने की दवा खिला रहे। सीएमओ ने लोगों से अपील की कि खुद दवा का सेवन करें और आसपास के लोगों को प्रेरित करें। दवा खाली पेट नहीं लेनी है। स्वास्थ्यकर्मी के सामने ही दवा खानी है।
बताया कि जिले कि 21.75 लाख की आबादी को दवा खिलाई जा रही। 1741 टीमें लगी हैं। 292 पर्यवेक्षक भी लगाए गए हैं। यह दवा शरीर में परजीवियों को मारती है। प्रतिक्रिया स्वरूप कभी-कभी सिर दर्द, शरीर दर्द, बुखार, उल्टी और बदन पर चकत्ते जैसे लक्षण आते हैं। ये लक्षण स्वत: ठीक हो जाते हैं। जिनमें ये लक्षण आ रहे हैं उन्हें खुश होना चाहिए कि वे फाइलेरिया से मुक्त हो रहे हैं।फाइलेरिया रोधक दवा का वितरण किया
छावनी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छावनी थाने और जामिया लतीफिया मदरसा में फाइलेरिया रोधक दवा वितरण किया। थाना छावनी में थानाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद सहित सभी पुलिसकर्मियों को दवा दी गई। विक्रमजोत के एमओआईसी डॉ. आशिफ फारुकी के नेतृत्व में टीम ने यह अभियान चलाया। डॉ. फारुकी ने लोगों से फाइलेरिया रोधक दवा खाने की अपील की। उन्होंने बताया कि दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए यह दवा आवश्यक और उपयोगी है। हालांकि गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को इस दवा का सेवन नहीं करना है। टीम में एसएमसी राहुल तिवारी, डीएमसी विवेक मौर्या, आशा सांगनी आरती मिश्रा, सरिता मिश्रा शामिल रहीं।