सुबह 10:27 बजे तक रहेगी तृतीया तिथि, उदया की वजह से सोमवार को पड़ा व्रत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिनें आज हरतालिका तीज पर निर्जला व्रत रखेंगी। रविवार को त्योहार की खरीदारी के लिए बाजार में गहमागहमी रही। मौसम की परवाह किए बगैर महिलाओं ने व्रत के सामन की खरीदारी की।
ज्योतिषाचार्य देवस्य मिश्र ने बताया कि महिलाओं के लिए इस वर्ष की तीज पर व्रत अत्यंत शुभकारी और विशेष फलदायी होगा। क्योंकि इस वर्ष हरतालिका तीज का व्रत रवि योग और इंद्र योग के संयोग से बन रहा है। यह विशेष इसलिए भी है, क्योंकि तीज सोमवार को पड़ रही है, जो भगवान शिव को समर्पित है। भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 17 सितंबर को सुबह 9:31 बजे से शुरू होकर 18 सितंबर सुबह 10:27 बजे तक रहेगी।
हरितालिका तीज पर महिलाएं निर्जल व्रत रखकर भगवान शिव और पार्वती की आराधना करती हैं। बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजन किया जाता है। घर को साफ-सुथरा करमंडप सजाएं। एक चौकी पर शुद्ध मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग, ऋद्धि-सिद्ध सहित गणेश, पार्वती और उनकी सखी की आकृति बनाई जाती है। प्रतिमाएं बनाते समय देवताओं का स्मरण किया जाता है। इस व्रत का पूजन रात्रि भर चलता है। प्रत्येक प्रहर में भगवान शिव को सभी प्रकार की वनस्पतियां जैसे बिल्व पत्र, आम के पत्ते, चंपक के पत्ते और केवड़ा अर्पण किया जाता है। आरती और स्तोत्र से आराधना की जाती है। दूसरे दिन सुबह पूजन समाप्ति के बाद महिलाएं व्रत तोड़कर अन्न-जल ग्रहण करती हैं।