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Basti News: पड़ोस में मैरिज हॉल... एक बजे तक बज रहा डीजे...छिन रही नींद-

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कानफोडू डीजे के सामने ​थिरकते बराती- संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। डीजे वाले बाबू ने नागरिकों का चैन-सुकून छीन लिया है। इस पर रोक लगाने के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए तीन सौ डेसिबल का शोर उत्पन्न करके में संकोच नहीं है। प्रत्येक बरात में नाममात्र के इसके दीवानों ने पूरे माहौल को चौपट कर रखा है। 90 फीसदी बराती भी रास्ते पर कर्कश आवाज में डीजे बजाकर सड़क पर नाचने वालों को पसंद नहीं करते।
मगर मेजबान की मजबूरी देख खलल डालने की जहमत नहीं उठाते। सबसे ज्यादा परेशानी में वे लोग हैं, जिनके घर किसी मैरिज हॉल के आसपास हैं। उनमें रात एक बजे तक डीजे बज रहा है। इससे बीमार व बुजुर्गों की तकलीफ बढ़ रही है। नतीजा यह है कि फुल वॉल्यूम में बज रहे डीजे से एक ओर नींद हराम हो गई है। दूसरी ओर परीक्षा के समय में विद्यार्थी एकाग्र होकर पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। अनिद्रा से चिढ़चिढ़ापन, बेचैनी के लोग ग्रसित हो रहे हैं।
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जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डाॅ. रामजी सोनी ने बताया कि तेज साउंड के कारण कार्यक्षमता घटती है और एकाग्रता नष्ट हो जाती है। गर्भपात की शिकायत बढ़ती है तथा मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चे पैदा हो सकते हैं। आंखों में जल्द चश्मा तथा एकाग्रता की कमी इसकी प्रमुख वजह है। ज्यादा देर तक लगातार शोर होता रहे तो बहरेपन के साथ हृदयघात का खतरा होता है। तेज आवाज के चलते हृदय के करंट का कंडंशन कम हो जाता है। ऐसे में शरीर के किसी भी हिस्से में रक्त जमा होगा तो वह हृदयगति को रोक देगा, जिससे मौत हो सकती है।
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मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. रजत पांडेय की मानें तो हमारे घर में दिन के समय अधिकतम 25 से 30 तथा रात में 20 से 25 डेसीबल तक ध्वनि होनी चाहिए, लेकिन, वाहनों के प्रेशर हॉर्न तथा मशीनों की आवाज से भी ध्वनि प्रदूषण की तीव्रता बढ़ जाती है। ऐसे में डीजे की तीव्र ध्वनि के पास खड़े रहना सेहत के लिए भयानक खतरा पैदा करता है।म
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