नवमी पर गायत्री शक्तिपीठ में हवन-पूजन करते श्रद्धालु संवाद
बनकटी। महानवमी पर ग्रामीण मथौली स्थित काली माता मंदिर, बेहिल नाथ, कोरऊं, खोरिया स्थित खोरेश्वर नाथ, थाल्हापार स्थित थालेश्वर नाथ मंदिर सहित दौलतपुर, भरवलिया, बनकटी और देईसाड़ के मंदिरों व घरों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से हवन-पूजन किया। इस दौरान मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां देकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। महानवमी पर घरों में कन्या पूजन का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने नौ दुर्गा के प्रतीक स्वरूप नौ कन्याओं और लांगुरिया (भैरव) को आदरपूर्वक भोजन कराया। महिलाओं ने कन्याओं के पैर पखारे, तिलक लगाया और रोली-अक्षत अर्पित कर पूरी, हलवा और चने का भोग परोसा। भोजन के बाद कन्याओं को यथाशक्ति दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया गया। इसके बाद श्रद्धापूर्वक विदाई की गई। संवाद
-
गायत्री शक्तिपीठ में पांच घंटे चला हवन-पूजन
बस्ती। सोमवार को शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। गायत्री शक्तिपीठ परिसर स्थित यज्ञशाला में सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक हवन-पूजन का कार्यक्रम चला। सुबह से ही श्रद्धालु आहुति देने और माता का पूजन करने के लिए पहुंचने लगे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान कन्या पूजन भी किया गया।
महानवमी के अवसर पर आवास विकास स्थित काली मंदिर, रौतापार दुर्गा मंदिर और केडीसी परिसर स्थित दुर्गा मंदिर में भी हवन-पूजन हुआ। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र के अंतिम दिन धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर मंदिरों में उत्साह का माहौल रहा। संवाद