संवाद न्यूज एजेंंसी बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जेबा की अदालत ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी प्रेमी को 10 वर्ष कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दो माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि किशोरी की मां ने नौ अक्तूबर 2020 को थाने पर तहरीर दी कि उसकी नाबालिग पुत्री का आरोपी सूरज से संबंध था। गांव का आरोपी उसे भगा ले जाना चाहता था, मगर सफल नहीं हो पाया। इस संबंध में कुछ गांव वालों को पता चल गया।
सूरज ने 18 सितंबर 2020 को जहर लाकर बेटी को दे दिया। जहर खा लेने से उसकी हालत बिगड़ने लगी। बेटी ने बताया कि सूरज ने उसे जहर दिया था। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए थे, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
जहर देते समय सूरज ने कहा था कि हम दोनों जहर खा लेंगे, मगर सूरज ने खुद जहर न खाकर सिर्फ उसकी बेटी को जहर खिला दिया। तहरीर के आधार पर आरोपी पर फआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सूरज को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।