बस्ती। रुधौली क्षेत्र के मुनियांव गांव में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं बाल लीला का अद्भुत मंचन हुआ। व्यास पीठ से युवराज मदनमोहनाचार्य मोहित ने प्रभु के जन्म और उनकी बाल लीला की कथा सुनाई। इस दौरान प्रभु श्रीकृष्ण के जन्म पर बधाई गीतों की बौछार पर श्रद्धालु झूमने पर विवश हो गए।
कथा के दौरान गोवर्धन पूजा भी हुई। 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया गया। श्रीकृष्ण- मां राधे की अद्भुत झांकी सजाई गई। महिलाओं ने सोहर गीत के जरिये मंगलगान किया। पूरा माहौल भक्ति मय बना रहा। आचार्य मोहित ने कथा को विस्तार देते हुए पूतना वध का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान जब 6 दिन के होते हैं तब पूतना आती है। पूतना का नाम, मन, ह्दय अच्छा नहीं था।लेकिन, पहले उसने मां का काम किया।
इसलिए भगवान ने उसका उद्धार कर दिया। बालि ने जब सुग्रीव को मारा तो वह दौड़कर भगवान की शरण में आया। तब लक्ष्मण जी ने प्रभु से पूछा कि प्रभु इनमें कौन सा गुण है, कि आप इनकी मदद को तैयार हो गए।
भगवान ने कहा कि जिसे दुनिया मारकर भगाए और वह मेरे शरण में आ जाए तो उसकी रक्षा हम करते हैं। मुख्य यजमान कलावती देवी ने राधा-कृष्ण का शृंगार किया। विनोद कुमार पांडेय, अशोक कुमार पांडेय, ओम नारायण पांडेय आदि मौजूद रहे। संवादय