बस्ती। जिले की 39 पीएचसी में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। तीन दिन की बारिश के कारण अधिकतर मरीज सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और गले में संक्रमण से परेशान रहे। बुखार के मरीजों की डेंगू, मलेरिया की जांच की गई। आंख में इंफेक्शन और त्वचा के भी मरीज आए। अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों पर एलोपैथ डॉक्टरों की अनुपलब्धता से मरीजों को निराशा हुई।
नगरीय पीएचसी बरदहिया में डॉ. इंद्रावती कुमारी ने 42 मरीजों को परामर्श दिया। बताया कि सर्वाधिक बुखार के 26 मरीज आए। उन्हें दवा दी गई। पीएचसी नरहरिया में डॉ. आरपी सिंह ने 48 मरीजों की जांच की। बताया कि बुखार के 16 मरीज थे। अन्य संक्रमण के मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं दी गईं। वाल्टरगंज संवाद के अनुसार, पीएचसी वाल्टरगंज में मरीजों की जांच हुई। मरीजों ने बताया कि जांच के बाद बाहर से दवा लेनी पड़ी। फार्मासिस्ट उमेश चंद्र सिंह, स्टाफ नर्स माधुरी, राजेंद्र, एलटी कनिष्को चित्रगुप्त ने सहयोग किया।
सीएचसी सल्टौआ में डॉ. संतोष कुमार ने मरीजों की जांच की। अधिकतर खांसी व बुखार से पीड़ित पाए गए। बच्चों को दी जाने वाली कई दवाएं नहीं होने से परेशानी हुई। डॉक्टर ने बताया कि ड्रॉप उपलब्ध नहीं है। अनोज कुमार, शीतला बिहारी, स्टाफ नर्स जसवंत मौजूद रहे। मुंडेरवा संवाद के अनुसार, सीएचसी में 20 मरीज आए। डाॅ. अंकुर शुक्ल ने बताया कि तीन दिन की बारिश के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीज ज्यादा आए। आंख में इंफेक्शन, त्वचा और पेट से संबंधित मरीज भी आए।
फार्मासिस्ट अखिलेश श्रीवास्तव, विनोद चौधरी, राजेश ने सहयोग किया। ओड़वारा पीएचसी में डॉ. नीलम चौधरी ने बताया कि 14 ही मरीज आए। फार्मासिस्ट जगदंबा चौधरी, ज्योत्सना सिंह ने सहयोग किया। कलवारी संवाद के अनुसार, सीएचसी बहादुरपुर में 27 मरीजों का इलाज किया गया। डाॅ. शिवाश्री श्रीवास्तव ने बताया कि मेला में बुखार, सर्दी-खांसी, हड्डी दर्द, त्वचा संबंधी मरीज थे। चीफ फार्मासिस्ट अश्विनी कुमार दीक्षित, लैब टेक्नीशियन राजेश यादव, स्टाफ नर्स शशि, वार्ड ब्वॉय भगवान दास व श्याम, स्वीपर रमजान अली मौजूद रहे।