हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न जमा करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
रामकोला कस्बा निवासी सूरज यादव ने चार जनवरी 2004 को नेबुआ नौरंगिया थाने में तहरीर दी थी। पुलिस को बताया था कि उनके भाई देव नारायण की शादी पचफेड़ा में हुई थी, जहां वह अपने नेवासा में रहते थे। चार जनवरी की सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह चौराहे से चाय पीकर घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में पुरानी रंजिश में पचफेड़ा निवासी हरि नारायण दुबे ने चाकू से उनके भाई पर हमला कर दिया। उनके भाई की मौत हो गई। पुलिस ने हरि नारायण दुबे पर हत्या का मुकदमा दर्ज करके विवेचना की।
पुलिस ने कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया, जिसका विचारण जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह की कोर्ट में हुआ। इस मामले में शुक्रवार की देर शाम अदालत ने हत्या का दोष सिद्ध पाए जाने पर हरि नारायण दुबे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन की तरफ जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जीपी यादव ने कोर्ट में वादी का पक्ष रखा।