बस्ती। कुछ लोग नए साथियों को कार्रवाई का भय दिखा कर भ्रमित कर रहे हैं। प्रशासन की जो भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई होगी, उसके विरोध में भी आंदोलन चलेगा। सर्वोच्च समिति के निर्देश पर सोमवार को 14वें दिन भी आंदोलन जारी रहेगा। यह कहना है लेखपाल संघ के नेताओं का। रविवार को बैठक कर आंदोलन को जारी रखने पर अडिग रहने का निर्णय लिया गया।
उप्र. लेखपाल संघ की रविवार को आपात बैठक हुई। जिला अध्यक्ष राम सुमेर के नेतृत्व में सदर में हुई बैठक में आंदोलन को गति देने के लिए रणनीति बनाई गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में 32 हजार लेखपाल अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलित हैं। सरकार बैकफुट पर है। शीघ्र ही पक्ष में परिणाम आएगा। कुछ लोग नए साथियों को भ्रमित कर रहे हैं। हड़ताल से किसी भी लेखपाल साथी का अहित नहीं होने पाएगा। प्रशासन की ओर से लेखपाल साथियों पर जो भी कार्रवाई की जा रही है वह नियम विरुद्ध है। ऐसे में नए लेखपालों पर जो भी कार्रवाई जिला प्रशासन या तहसील प्रशासन करता है उसके खिलाफ भी आंदोलन चलता रहेगा जबतक कार्रवाई वापस नहीं ले ली जाती। कोई भी पुराना लेखपाल काम पर नहीं लौटेगा। लेखपाल संघ नए साथियों के साथ है।
बैठक में जिला मंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज मणि त्रिपाठी, सुभाष यादव, अयोध्या प्रसाद, शिव नरायन, हर्रैया अध्यक्ष रमेश चंद्र, मंत्री सतीश श्रीवास्तव, भानपुर अध्यक्ष रणवीर सिंह, मंत्री शिवराम यादव, सदर अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी, मंत्री धर्मेंद्र कुमार, रुधौली अध्यक्ष विद्याधर द्विवेदी, मंत्री अंजनीनंदन शरण, सुखबीर यादव, कुलवंत, महेंद्र यादव, ललित कुमार, अनिल कुमार, राघवेंद्र सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन 18 को
बस्ती। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक रविवार को जिला अध्यक्ष मस्तराम वर्मा के नेतृत्व में हुई। बैठक में शिक्षक, अधिकारी, पुरानी पेंशन बचाओ मंच आदि कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल रहे। चेतावनी दी गई की लेखपालों पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई हुई तो 18 जुलाई को सभी कर्मचारी कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करेंगे। रविवार को कार्यालय भवन में हुई कर्मचारी नेताओं की बैठक में तय किया गया कि संयुक्त मंच का गठन 22 जुलाई को विकास भवन में सम्मेलन में किया जाएगा तथा पदाधिकारियों का चयन भी होगा। बैठक में लेखपाल संघ अध्यक्ष राम सुमेर, शिक्षक संघ के चंद्रिका प्रसाद सिंह, डिप्लोमा इंजीनियर संघ के ओंकार यादव, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ के राम सूरत यादव, ठाकुर प्रसाद वर्मा, जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के अंबिका पांडेय, मो. इजहारूल हक अंसारी, संयुक्त् राज्य कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अधार पाल, मंत्री तौलू प्रसाद, प्रमोद कुमार शुक्ला, चकबंदी लेखपाल संघ, वित्त विहीन माध्यमिक शिखक संघ, लेखपाल संघ आदि के पदाधिकारियों ने आगामी आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लेने का निर्णय लिया है।