कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जनप्रतिनिधि मुखर होकर मुद्दे उठाएं। जनहित में अधिकारियों पर दबाव बनाएं। वे रविवार को केडीसी के पास स्थित विवाह मंडप हॉल में अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के 61वें राष्ट्रीय अधिवेशन को बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित कर रहे थे। आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को शामिल होना था लेकिन उनका कार्यक्रम अचानक रद्द हो गया। अधिवेशन में प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट विहारी वर्मा व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अफसरों को ही निशाने पर रखा।
अधिवेशन में गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जाने का मुद्दा छाया रहा। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि शासनादेश के बावजूद कई वर्ष से गोंड समाज के लोग तहसीलदार और जिलाधिकारी की उपेक्षा के कारण अधिकार से वंचित हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष अनुसुइया उइके ने विश्वास दिलाया कि इस समस्या का शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा। कहा कि जो अधिकारी निर्देशों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा जाएगा। कई जनपदों से उपेक्षा, उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। इन पर रोक लगाई जाएगी।
इससे पहले महारानी दुर्गावती के चित्र पर अतिथियों ने माल्यार्पण किया। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि लोग अपने हक के लिए संघर्ष करें तभी अधिकार मिलेंगे। अधिकारियों की मनमानी नहीं चलने पाएगी। सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि सरकार जनहित के सवालों पर गंभीर है। दोषी अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि गोंड समाज की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से कराया जाएगा। विधायक दयाराम चौधरी ने सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। भाजपा नेता पुष्कर मिश्र ने कहा कि गोंड समाज की समस्याएं जल्द खत्म होंगी।
गोंडवाना गणतंत्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष दादा हीरासिंह मरकाम ने हक हासिल करने के लिये संघर्ष पर जोर दिया। अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अछैवरलाल गोंड ने समस्याएं उठाईं। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोंड ने किया। जिलाध्यक्ष रामनाथ गोंड ने आभार जताया। अधिवेशन को राजमंगल गोंड, गुलाब गोंड, विजय कुमार गोंड, रामानंद गोंड आदि ने संबोधित किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष पवन कसौधन, हनुमान प्रसाद गोंड, काशी प्रसाद, श्याम बिहारी, संजय कुमार, शशि प्रकाश, सुखराम, अनिल कुमार, डॉ. बलराम, लालचंद, दिनेश चंद्र, अनंत राम, फूलचंद्र गोंड के साथ ही माधुरी गोंड, सुरेश, ऊषा देवी, कांती, रेखा के साथ ही बड़ी संख्या में गोंड समाज के लोग उपस्थित रहे।