बस्ती। शहर में स्थापित दुर्गा प्रतिमाएं मंगलवार को विसर्जन के लिए देर शाम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकली। रात में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ तो भोर में जाकर समाप्त हुआ।
प्रतिमा विसर्जन के दिन बस्ती शहर में चप्पे चप्पे पर सुरक्षाकर्मी मौजूद नजर आए। मंगलवार का दिन होने के कारण अधिकांश दुर्गा पूजा कमेटियों ने प्रतिमा विसर्जन के लिए रात 12 बजे के बाद का समय चुना।
ऐसे में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बस्ती शहर में इस बार मोहर्रम को लेकर काफी तनाव रहा, ऐसे में प्रशासन ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस फोर्स की व्यवस्था की थी। गैर जनपदों से भी फोर्स मंगाई गई थी।
शाम से प्रतिमाएं अपने पंडालों से निकलनी शुरू हुई। डीजे की धुन पर नाचते गाते श्रद्धालु प्रतिमा के सामने चल रहे थे। भक्तों के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो रहा था। जगह-जगह भक्त मां की आरती उतार रहे थे।
विसर्जन के लिए प्रतिमाएं निकली तो पूरे शहर में मेले जैसा दृश्य चहुंओर नजर आ रहा था। संपूर्ण मेला क्षेत्र को तीन जोन, चार सेक्टर और 12 सब सेक्टर में बांटा गया था।
विसर्जन के लिए एक एएसपी, पांच सीओ, 14 एसओ, 90 एसआई एक महिला एसआई, 150 एएसआई, 300 कांस्टेबल, 35 महिला सिपाही, 500 होमगार्ड, 15 मुख्य आरक्षी यातायात, दो फायर टेंडर , दो कंपनी पीएसी लगाई गई थी। प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर मौजूद रहे।
भीड़ को नियंत्रित करने एवं यातायाता व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस मार्ग में आने वाले चौराहों गलियों के मोड़ो पर 60 पिकेट ड्यूटिया लगाई गई थी। पिकेट पर लगे पुलिकर्मी गलियों से आ रहे वाहनों को मुख्य मार्ग जिस पर प्रतिमाएं निकली थी, उस पर आने से रोक रहे थे।
भीड़ को नियंत्रित करने में कई स्थानो पर यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की गई थी। मेला क्षेत्र में शांति व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने एवं छेड़खानी व अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने के क्रम में मोबाइल पार्टियां लगाई गई थी। छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए सादे कपड़े में उपनिरीक्षक व महिला आरक्षी लगे थे।