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Basti News: शव ढूंढने की आखिरी कोशिश भी बेकार, जेल भेजा गया इलहान

Sun, 11 Aug 2024 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- मोहित हत्याकांड : कुआनो नदी में चला सर्च अभियान, रिमांड की मियाद पूरी, अब प्रिंस की तलाश
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- शनिवार को सुबह 11 बजे जिला कारागार में आरोपी कर दिया गया दाखिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बहुचर्चित मोहित यादव अपहरण व हत्याकांड के मुख्य आरोपी इलहान की रिमांड अवधि पूरी होते ही पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल के हवाले कर दिया। बृहस्पतिवार को जिला कारागार से पुलिस रिमांड में लिया था। 48 घंटे की रिमांड में चंगेरवा-महसो, मोहटा घाट से लेकर नगर तक 10 से 12 किलोमीटर के एरिया में सर्च अभियान दो दिनों तक चलाया गया, लेकिन मोहित का शव बरामद नहीं हो सका। रिमांड के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी इलहान से कई राज उगलवाए। जेल में दाखिल करने से पहले उसका मेडिकल भी कराया गया।
पुलिस की पूछताछ में इलहान ने बताया कि 12 जुलाई को मोहित को चंगेरवा के पास मारा-पीटा गया, जब लगा कि उसकी मौत हो गई है तो बाकी लोग भाग लिए। इलहान और प्रिंस ने मिलकर मोहित यादव का शव काले रंग की सफारी में डाला और चंगेरवा से एक किमी पश्चिम कुआनो नदी के दबिला पुल के ऊपर से पानी में फेंक दिया था।
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बता दें कि कोतवाली क्षेत्र के पिकौरा दत्तुराय मोहल्ले में अविनाश सिंह के मकान में किराए पर रहने वाले माेहित यादव की 12 मई को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। दिन दहाड़े अपहरण के बाद हत्या के इस केस में मोहित के मकान मालिक ने पांच नामजद व अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई थी लेकिन सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर नाम बढ़कर 20 हो चुके हैं।

निशाने प्रिंस समेत चार आरोपी
पुलिस 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है लेकिन शव बरामद नहीं कर पाई। रिमांड पर लिए गए इलहान ने पूछताछ में बताया कि आखिरी समय में उसके साथ सिर्फ प्रिंस ही मौजूद था जबकि पुलिस की छानबीन में उस समय तीन आरोपियों के मौजूद होने की बात सामने आ चुकी है। हालांकि पुलिस अपनी कहानी पर अडिग है। माना जा रहा है कि इलहान ने किसी वजह से तीसरे शख्स का नाम नहीं लिया होगा। इन सबके बीच पुलिस अब प्रिंस को कानून के शिकंजे में लेने के लिए पूरा जोर लगाए हुए है। उसके पकड़ में आ जाने के बाद बाकी बचे रहस्य भी बेपर्दा हो जाएंगे। पुलिस को तीन अन्य आरोपियों की भी तलाश है जिनके नाम केस में विवेचना के दौरान सामने आए थे।
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वीडियो साक्ष्य पर टिकी केस की नींव
अपहरण करके निर्मम तरीके से हत्या के इस केस की पूरी नीव वीडियो साक्ष्य पर टिकी हुई है। कानून के जानकार बताते हैं कि नई भारतीय दंड संहिता में वीडियो साक्ष्य को पुख्ता माना गया है। इसलिए संभावना पूरी है कि शव न मिलने की वजह से आरोपियों को कोई फायदा नहीं मिलेगा। पुराने आईपीसी और साक्ष्य अधिनियम में वीडियो साक्ष्य की उतनी एहमियत नहीं थी लेकिन नए कानून में उसे मजबूत आधार माना गया है।
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