सोनहा में बिना हेलमेट लगाकर चलने वालों से पूछताछ करते पुलिस कर्मी।
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बस्ती। हाई बीम लाइट के चलते 21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र आशीष सिंह की मौत 11 फरवरी को पॉलीटेक्निक कॉलेज मोड़ के पास हुई। तेज लाइट पड़ने से आंखें चौंधिया गई, जिसके कारण बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। साथ ही पीछे बैठे सहजनवा गोरखपुर के मारुत नंदन यादव घायल हुए थे। पीड़ित मारुत ने बताया कि उस रात करीब साढ़े आठ बजे फैजाबाद की ओर से आ रही कार की लाइट पड़ते ही आशीष की आंखें चौंधियाई गई थीं। तेज लाइट से होने वाले बाइक हादसों में यह घटना एक नजीर भर है। असल में रात के वक्त बाइक चलाने वालों का 60 फीसदी एक्सीडेंट ऐसी ही लाइट से हो रहा है।
एसपी संकल्प शर्मा के अनुसार तीन वर्ष के दौरान हुए बाइक से सबसे ज्यादा हादसे सामने की ओर से आने वाली लाइट की वजह से हुए हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. आरके विश्वकर्मा का कहना है कि मोटर वाहन एक्ट के तहत कंपनी से हेड लाइट लगी होती है। लेकिन वाहन स्वामी बाद में उसकी सेफ्टी क्लिप हटाकर अपने तरह से लाइट और बल्ब लगवाते हैं। युवा वर्ग तड़क भड़क रोशनी वाले ऐसे चाइना बल्बों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसकी रोशनी पड़ने पर कुछ पल के लिए अंधेरा छा जाता है।