बस्ती। निजी स्कूलों में शानदार भवनों के बावजूद मान्यता के लिए तमाम संकट होते हैं। जबकि जिले के 306 ऐसे परिषदीय स्कूल चिह्नित किए गए हैं, जिनकी छत के नीचे पढ़ाई करना खतरनाक माना गया है। ऐसे जर्जर भवनों में 40 हजार बच्चे पढ़ते हैं। शासन को भेजी गई सूची में कहा गया है कि किसी की छत टपकती है तो किसी का प्लास्टर उखड़ता है।
कुछ ऐसे भी हैं जिनकी छत की बीम ही क्षतिग्रस्त है। चौंकाने की बात यह है कि जहां जिले के बड़े अफसर हैं, वहीं, नौ स्कूल भवन ऐसे चिह्नित किए गए हैं जो हादसे के नजदीक हैं। राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान को भेजी गई रिपोर्ट में प्राइमरी स्कूल के 242 और जूनियर के 64 स्कूल भवन शामिल हैं। भवन के जर्जर होने की रिपोर्ट पिछले कई साल से शासन को की जा रही है।