50 हजार के लिए हुई थी लालजी की हत्या
बस्ती। मच्छरदानी तानकर सो रहे कलिगढ़ा निवासी लालजी चौधरी (55) की हत्या 50 हजार रुपये के लिए की गई थी। हत्यारोपी गांव के ही राजवंत उर्फ बबलू चौधरी ने पुलिस के सामने कबूला कि मच्छरदानी के अंदर सो रहे लालजी चौधरी के सिर पर हत्या की नीयत से उसने तमंचे के बट से तेज प्रहार कर भाग गया था, जो उनकी मौत का कारण बनी।
एसपी हेमराज मीणा ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस स्थित प्रेक्षागृह में तीन नवंबर की रात हुई हत्या का पर्दाफाश किया। सीओ कलवारी अनिल कुमार सिंह के साथ एसपी ने बताया कि 2015 की प्रधानी चुनाव में गिरफ्तार राजवंत प्रत्याशी था। खर्च के लिए गांव के लाल जी चौधरी के दामाद रामजनक निवासी भैसाराजा थाना पैकोलिया से 70 हजार उधार लिया था। करीब एक वर्ष बाद 20 हजार रुपये वापस कर दिया। बाकी 50 हजार रुपये के लिए लालजी काफी दबाव बना रहे थे। राजवंत के मुताबिक लालजी ने दो दिन के अंदर रुपये न देने पर हत्या कर देने की धमकी दी थी। गन्ना बेचकर वापस करने की शर्त भी वह नहीं माना। हत्यारोपी के मुताबिक चुनाव में भी विरोध कर पंकज चौधरी को समर्थन किया था। डर वश उसने लालजी को ही रास्ते से हटाने की ठन ली।
आरोपी ने बताई दास्तान
315 बोर का तमंचा लेकर घर से लालजी चौधरी की हत्या करने की नीयत से राजवंत निकला। अपने धान के खेत से होते हुए रात करीब साढ़े 12 बजे लालजी के घर के सामने पहुंचा। देखा कि लालजी घारी में चारपाई पर सो रहे हैं। तमंचा निकालने पर अचानक लगा कि आवाज होने पर सब लोग जाग जाएंगे। बिजली भी उस समय थी, इसीलिए तमंचे के बट से जोर का प्रहार कर दिया। वहां से भागकर गन्ने के खेत में छिप गया। दूसरे दिन अंधेरे का लाभ उठाकर पैदल जलेबीगंज गया। रास्ते में ही बगीचे के उत्तर साइड में एक सूखे कुएं में तमंचा कारतूस फेंक दिया। पैदल बेलघाट होते हुए महाराजगंज बाजार आ गया। वहां से बस पकड़ कर दिल्ली बवाना चला गया। वकील के माध्यम से वापस आ रहा था, मगर पुलिस ने रास्ते में धर दबोचा।