डीएम व सीएमओ ने दवा विक्रेताओं को चेताया, निजी अस्पतालों से ऐसे लोगों को पास के स्वास्थ्य केंद्र भेजने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। डीएम आशुतोष निरंजन और सीएमओ डॉ. एके गुप्ता ने दवा विक्त्रस्ेताओं से अपील की है कि बिना डॉक्टर के लिखे कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को कोई दवा न दें। न मानने वालों पर सख्ती बरतने की बात भी कही। निजी अस्पताल, क्लीनिक और निजी चिकित्सक के पास कोरोना के लक्षण वाले मरीज के आने पर उसे पास के सामुदायिक या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है या सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों का रजिस्ट्रेशन समाप्त कराया जा सकता है।
पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित बैठक में दोनों अधिकारियों ने कहा है कि कोरोना के सामान्य लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार, सांस फूलना, गले में खरास या दर्द के मरीज को कोरोना हो सकता है। ऐसी स्थिति में उसको समुचित इलाज की आवश्यकता होगी। उसकी जांच कराकर कोरोना का इलाज करना होगा। यह केवल एक, दो दवा खाने से ठीक नही होगा। संभावना है कि ऐसे लक्षणों वाला व्यक्ति समुचित इलाज के अभाव में संक्त्रस्मण फैला सकता है। उसकी जान को खतरा भी हो सकता है। ऐसे में सावधानी आवश्यक है।
डीएम ने सभी एमओआईसी को हिदायत दी है कि बिना सैंपल लिए किसी भी व्यक्ति का फार्म नहीं भरा जायेगा। फर्जी सैंपलिंग कराने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। समीक्षा में पाया कि गौर, दुबौलिया, कुदरहा, बहादुरपुर में कोविड-19 की सैंपलिंग पिछले 15 दिन में औसत से कम है। हर्रैया, कप्तानगंज, रूधौली में मृत्यु दर में वृद्धि हुई है, इसलिए तीनों एमओआईसी मृतक के बारे में तथ्यात्मक आख्या सीएमओ को तीन दिन में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कंटेनमेंट जोन की समीक्षा में बहादुरपुर, बनकटी, भानपुर, गौर, रूधौली में सर्विलांस टीम बढ़ाने का निर्देश दिया है। बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, डॉ. सीके वर्मा, डॉ. फखरेयार हुसेन, डॉ. जलज, आईए अन्सारी, डॉ. सुषमा सिन्हा, डॉ.स्मृति आदि मौजूद रहे।