ठंड बढ़ने के साथ ही बढ़ सकता है कोरोना संक्रमण
चिकित्सक बोले, ठंड में वायरस का बढ़ जाता है प्रकोप, बरतनी होगी सावधानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना वायरस है। ठंड में इसका संक्रमण बढ़ सकता है। ऐसा चिकित्सकों का मानना है। वहीं कुछ डॉक्टरों का कहना है कि अभी पहली ठंड है। ऐेसे इस बारे में कहना जल्दबाजी होगी। बावजूद इसके चिकित्सकों ने कहा कि वर्तमान में कोरोना का संक्रमण थोड़ा कम अवश्य हुआ। इसे देखकर लोग सावधानी न छोड़े। मास्क और सामाजिक दूरी का पालन अवश्य करें।
महिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कहा कि ठंड बढ़ने के साथ ही कोरोना का प्रभाव बढ़ जाएगा। हर बीमारी का एक समय होता है। वायरस से जुड़ी बीमारियां ठंड या आर्द्रता के समय बढ़ जाती है। इंफ्लुंजा वायरस नवंबर-दिसंबर से बढ़ना शुरू हो जाता है। कोरोना भी वायरस संबंधी बीमारी है। ऐसे में ठंड में इसका प्रभाव बढ़ सकता है। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि हर वायरस का अलग-अलग पैटर्न है। स्वाइन फ्लू, कोरोना व अन्य इंफ्लुंजा चूंकि वायरस हैं, इसका समय मार्च तक होता है। इसमें सिर्फ बचाव ही उपाय है।
एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन ने कहा कि विश्व के ठंडे देशों में कोरोना का प्रभाव तीव्र है। इस वायरस की प्रकृति ऐसी है कि यह आर्द्रता बढ़ने या ठंड के साथ इसकी क्षमता अधिक हो जाती है। इस दौरान यह अधिक से अधिक लोगों को अपने चपेट में ले लेता है। अभी मौसम और ठंडे देशों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग यह संदेह व्यक्त कर रहा है कि कोरोना का प्रभाव ठंडक में अधिक होगा। डॉ. हुसैन ने कहा कि अभी तो स्थिति सामान्य है। आगे की स्थितियों से निबटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारी कर चुका है।
शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राकेश सिंह कोरोना ने कोरोना में ठंडमें प्रभाव पर सीधी टिप्पणी करने से मना कर दिया। कहा, अभी कोरोना वायरस पहली बार ठंड में है। ऐसे में इसका कितना प्रभाव रहेगा। यह बताया नहीं जा सकता। इतना जरूर है कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के उपाय आम व खास सभी को हर हाल में करना होगा। अभी इसकी कोई दवा नहीं है। ऐसे में दूरी व मास्क का उपयोग जरूरी है। मास्क ऐसा हो जिससे नाक व मुंह दोनों ठीक से ढकें रहें। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। यदि जरूरी है तो यहां भी दूरी बनाए रखें। समय-समय पर हाथ भी धोते रहें।