संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में व्यापारी पुत्र के अपहरण की साजिश करने के फरार आरोपी अमरमणि त्रिपाठी केस में सोमवार को सुनवाई की गई।
इसमें अपहृत कोतवाली क्षेत्र के जयपुरवा निवासी राहुल मद्धेशिया के बड़े भाई कृष्ण मुरारी मद्धेशिया की गवाही हुई। साथ ही, केस में आरोपी शिवम उर्फ राम यज्ञ पर गैंगस्टर के तहत आरोप तय किया गया। केस में अगली सुनवाई 14 जनवरी को की जाएगी।
गवाह कृष्ण मुरारी मद्धेशिया ने अमरमणि त्रिपाठी के बारे में बयान दिया कि केवल नाम सुना है। कभी न मुलाकात हुई और न ही बातचीत। समाचार पत्र और टीवी चैनल के माध्यम से बाद में अमरमणि के बारे में जानकारी हुई थी।
शपथ पत्र के जरिये बयान दिया कि उनका भाई राहुल मद्धेशिया छह दिसंबर 2001 की सुबह करीब 7:45 बजे सेंट बेसिल स्कूल में पढ़ने जाने के लिए स्कूल ड्रेस शर्ट पैट, सफेद रंग की पूरी बांह और हाॅफ स्वेटर और स्कूल का मोनोग्राम लगी मैरून रंग की कोट पहनकर बस्ता लेकर साइकिल से घर से निकला। उसने अदालत को बताया कि डाॅ. राम कुमार गुप्ता के मकान के सामने अचानक एक सफेद रंग की कार में बैठकर कुछ लोग आ गए और भाई को जबरदस्ती गाड़ी में बैठाने लगे।
भाई के विरोध करने पर उसे मारपीट कर तमंचे की धौंस दिखाकर गाड़ी में बैठाकर लेकर भाग गए। इस वारदात को वहां मौजूद कई लोगों ने देखा और घटना की जानकारी उसे और परिवार के लोगों को दी।
उस कार में चार लोग बैठे थे और भाई को कहां-कहां लेकर गए, इस बात की जानकारी मुझे नहीं है। मगर, लखनऊ लेकर गउ और मेरे भाई को आधा-एक घंटे पर बेहोशी की गोलियां खिलाते थे।