कैंसर से बचना है तो प्रदूषण से दूरी बनाकर रखें
बस्ती। कैंसर का नाम आते ही इंसान कांप उठता है। क्योंकि इसकी कारगर दवा नहीं बन सकी है। हालांकि देश भर में तमाम बड़े संस्थान कैंसर का इलाज करते हैं। मगर शत-प्रतिशत ठीक होने की गारंटी नहीं होती। विश्व कैंसर दिवस पर इसलिए यह चर्चा अहम हो जाती है कि इससे खुद को कैसे बचाए रखा जाए।
जिला महिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कहा कि यूं तो कैंसर तमाम प्रकार के हैं, मगर सामान्य रूप से कैंसर का कारण प्रदूषण व पारिवारिक हिस्ट्री ही अब तक सामने आई है। इसके इतर भी कभी-कभार कैंसर का लोग शिकार हो जाते हैं। प्रदूषण से बचने के उपाय के अलावा पारिवारिक हिस्ट्री होने पर 30 वर्ष की आयु के बाद लगातार जांच कराते रहना चाहिए। खतरा होने पर तत्काल उसका इलाज किया जा सके। महिलाओं में सामान्य रूप से स्तन व बच्चेदानी का कैंसर होता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि 14 वर्ष की उम्र में ही कैंसर बचाव के लिए लगने वाले वैक्सीन से उन्हें सुरक्षित कर लिया जाए। यदि ऐसा नहीं हो सका है तो महिलाएं तीस वर्ष की उम्र से हर वर्ष एक विशेष जांच कराएं। वहीं, पुरुषों में सामान्य रूप से लंग्स, प्रोस्टेट व गले का कैंसर होता है। इसके लिए जरूरी है कि 50 वर्ष की उम्र के बाद जांच कराएं। गले व लंग्स के कैंसर से बचने के लिए बीड़ी, सिगरेट व अन्य नशीले पदार्थों का उपयोग बंद रखें। बच्चों में भी सामान्य कैंसर होता है, मगर इसका लक्षण बच्चों के आंख से पता चल जाता है। यदि किसी बच्चे की आंख में लक्षण नजर आए तो तत्काल जांच कराकर इलाज कराना चाहिए।
जयप्रकाश ने जीती कैंसर से जंग
शहर के दक्षिण दरवाजा निवासी जयप्रकाश एक कंपनी में काम करते हैं। उन्हें वर्ष-2005 में अचानक बुखार हो गया। धीरे-धीरे भूख कम लगने लगी। वह शहर के चिकित्सक के पास गए तो उन्होंने लक्षण जानकर इसे खतरनाक संकेत बताते हुए जांच के लिए लखनऊ रेफर कर दिया। जांच में जो तथ्य सामने आए उसे सुनकर परिवार के स्तब्ध रह गए। डॉक्टर ने सांत्वना देते हुए स्थिति को फर्स्ट स्टेज बताया और दवा मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल में कराने की सलाह दी। परिवार के लोग वहां लेकर गए। जांच के बाद इलाज शुरू हुआ। 14 महीने वहीं चिकित्सकों की निगरानी में रहे। इस दौरान लाखों रुपये खर्च हुए, मगर डॉक्टरों की मेहनत और ऊपर वाले की मेहरबानी से जान बच गई। कहते हैं कि उन्हें प्रदूषण से बचने तथा खानपान को संयमित करने की सलाह दी गई है। इसका वह शत-प्रतिशत पालन करते हैं।