बस्ती। हार हो जाती है जब मान लिया जाता है। जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है। यह पंक्तियां सटीक साबित होती हैं इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी की प्रबंधक कप्तानगंज की ज्योति पर। वह दो साल से महिला सशक्तीकरण के लिए उन्हें आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए मिशन आदिशक्ति कार्यक्रम चल रही हैं। इसका परिणाम यह रहा कि महिला थाना में 2022 में महिला अपराध के विरुद्ध दर्ज कुल 119 केस अब 2023 में केवल 65 पर पर सिमट गया।
वह कहती है कि बस्ती में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के आंकड़े को शून्य करना संस्था का उद्देश्य है। शिक्षा एक ऐसा कारगर हथियार है जो सामाजिक विकास की गति को तेज करता है। सच कहूं तो शिक्षा में छिपा है महिला सशक्तीकरण का रहस्य। प्रदेश सरकार की विधवा पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, जनपद के थानों में शक्ति मोबाइल योजना और अन्य के बारे में महिलाओं को जागरूक करने के लिए जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
ज्योति कहती हैे कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों में दहेज हत्या, पति और रिश्तेदारों द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट के अपराध में प्रदेश का स्थान प्रथम है। इसे हर हाल में शून्य पर लाना ही होगा। लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा की रोकथाम और पीड़िता को सामाजिक सम्मान प्रदान करने के लिए जनपद की महिला की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए संस्था गांव की बेटी सबकी बेटी, गांव की बहन सब की बहन जैसे कार्यक्रम चला रही है।