अधिवाक्ताओ ने न्यायमार्ग जाम करके पुलिस प्रसाशन के विरोध मे किया प्रर्दशन ।
कचहरी में सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री दयाशंकर दूबे को चेंबर में घुसकर मारपीट करने के मामले में अधिवक्ताओं ने कोतवाली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिसमें कोतवाल को हटाने की मांग प्रमुख है। न्यायालय के मुख्य गेट पर धरना देकर बैठे अधिवक्ताओं का उग्र रूप देखकर प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हुई। एसडीएम सदर आरबी सिंह व सीओ सिटी एसएन सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मांगा। आश्वासन पर अधिवक्ता रोड से तो हट गए लेकिन पूर्व में घोषित 26 अगस्त तक के कार्य बहिष्कार के फैसले पर अडिग रहने का एलान किया।
17 अगस्त को महामंत्री के चेंबर में घुसकर उनके साथ बदसलूकी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एफआईआर दर्ज किए जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से अधिवक्ताओं में गुस्सा हैं। उनका आरोप है कि पुलिस अब भी प्रभावी कार्रवाई करने में टालमटोल कर रही है। धरना दे रहे अधिवक्ता रवि प्रताप सिंह व मृत्युंजय कुमार को तहसीलदार न्यायिक अखिलेश ने कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। इस दौरान प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव , गणेश शंकर मणि त्रिपाठी, भानु प्रताप शुक्ल, राजेश सिंह, शेषनाथ पाठक, रविशरण सिंह, मारुत कुमार शुक्ल समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
कचहरी में धरना दे रहे अधिवक्ताओं को मनाने के लिए पुलिस सक्रिय थी। इसी बीच कोतवाली में तैनात एक सिपाही अति उत्साह में धरनारत वकीलों के पास बात करने पहुंच गया। उसकी यह हरकत कई अधिवक्ताओं को नागवार लगी और उसे खदेड़ दिया। कुछ पल के लिए मामला तनावपूर्ण हुआ लेकिन दोनों पक्ष शांत हो गए।