पीडब्लूडी प्रांतीय खंड में एक बार फिर ठेकेदारों ने अनियमित टेंडर को लेकर आवाज उठाई है। कहा कि विभाग के अधिकारी चोरी छिपे राजनेताओं और विभाग के चहेतों को सड़क निर्माण का ठेका देने के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बिना टेंडर फार्म की बिक्री किए टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने की साजिश की जा रही है। इसे लेकर ठेकेदारों ने पहले एक्सईएन प्रांतीय खंड कार्यालय गए, जब वहां कोई अधिकारी नहीं मिले तो डीएम के पास गए। डीएम से मिलकर उन्हें विभाग में टेंडर के नाम पर व्याप्त अनियमितता की जानकारी और टेंडर को निरस्त करने की मांग की। इस पर डीएम ने एसई और एक्सईएन से आख्या मांगा है। फिर उसके बाद ठेकेदार अधीक्षण अभियंता के पास गए, वहां भी अधिकारी नहीं मिले, तब नाराज होकर ठेकेदार वहीं पर धरने बैठकर नारेबाजी करने लगे। ठेकेदार पिछले तीन साल में कराए गए सभी टेंडरों की जांच करने की मांग कर रहे थे।
अनियमित टेंडर का विरोध कर रहे ठेकेदार रवींद्र मिश्र, गोविंद नाथ पांडेय, शम्भूनाथ यादव, अरूण मिश्र, राधेश्याम यादव, प्रभाकर मिश्र, अशोक कुमार सिंह, शत्रुघन पाल, अजमतउल्लाह, दिनेशचंद्र मिश्र, वीरेंद्र श्रीवास्तव, कमलेश कुमार दूबे, उमेशचंद्र त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र पांडेय, गुलाम हसन चौधरी, ओमप्रकाश पांडेय, सुरेशचंद्र चौधरी और रामनाथ सहित अन्य ने बताया कि प्रांतीय खंड एक्सईएन की ओर से एक निविदा नोटिस निकाली गई। इसमें सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया। नोटिस में टेंडर फार्मा बिकने के लिए प्रांतीय खंड कार्यालय, डीएम कार्यालय, पंजाब नेशनल बैंक और चीफ इंजीनियर गोरखपुर का स्थान निश्चित किया गया। बताया कि टेंडर फार्म बिकने की तिथि 17 से 23 अगस्त दी गई। बताया कि वह लोग 17 अगस्त से ही निर्धारित स्थानों पर टेंडर फार्म खरीदने के लिए जा रहे हैं, मगर कहीं पर फार्म बिकता हुआ नहीं मिला। कहा कि विभाग के अधिकारी निजी लाभ और चहेतों ठेकेदारों को ठेका दिलाने के लिए टेंडर फार्म ही नहीं बिकने दिया। बताया कि टेंडर फार्म न बिकने से सरकार के राजस्व का भारी नुकसान तो हुआ ही साथ सड़क की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। कहा कि ऐसे ठेकेदारों को ठेका दे दिया जाता है जिनके पास सड़क निर्माण कराने का कोई अनुभव नहीं रहता। वहीं अनुभवी ठेकेदारों की उपेक्षा की जाती है। बताया कि विभाग के अधिकारी ठेकेदारों को आपस में लड़ाने का कार्य कर रहे, ताकि उनका मकसद हल हो सके। अधीक्षण अभियंता एसपी पांडेय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं चीफ इंजीनियर एसके सक्सेना ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।