पीडब्ल्यूडी भवन खंड को है पांच करोड़ से ऊपर के सरकारी भवनों के निर्माण का जिम्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पीडब्ल्यूडी के भवन खंड की स्थापना हुए साल भर से अधिक का समय बीत गया, लेकिन अब तक सिर्फ एक ही परियोजना पर काम चालू हो सका। जबकि यहां दर्जन भर अवर अभियंताओं व इससे भी अधिक कर्मचारियों का भारी-भरकम टीम है। बावजूद इसके एक ही परियोजना पर काम होना शासन व प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
मंडल मुख्यालय पर पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड, निर्माण खंड एक व एनएच खंड संचालित हो रहे है। पिछले वर्ष अप्रैल 2022 में यहां भवन खंड को भी संतकबीरनगर जिले से स्थानांतरित कर दिया गया। इस बीच इस खंड ने अब तक यहां सिर्फ फोरेंसिक लैब का निर्माण शुरू किया है, बाकी कोई भी परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। जबकि शासन का निर्देश है कि सभी सरकारी भवन जिनकी लागत पांच करोड़ रुपये से ऊपर है, उनका निर्माण पीडब्ल्यूडी का निर्माण खंड ही करेगा।
इसी कारण से शासन ने इस खंड की स्थापना की है और उसी अनुसार योग्य इंजीनियरों की तैनाती की है, ताकि उनकी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा सकेगी और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो सके। इसके लिए इस खंड में एक्सईएन सत्यपाल, एई अखिलेश कुमार व जेई आरपी चौधरी के अलावा नौ अन्य जेई व तकनीकी सहायक के साथ ही अन्य कार्मिकों की तैनाती की गई है।
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अन्य परियोजनाओं पर किया जा होमवर्क
पीडब्ल्यूडी भवन खंड के अधिशासी अभियंता सत्यपाल ने बताया कि फोरेंसिक लैब के निर्माण का कार्य चालू है और अन्य प्रोजेक्ट के लिए स्टीमेट शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही तुरंत काम चालू कर दिया जाएगा। वहीं बस्ती क्षेत्र के मुख्य अभियंता रवींद्र वीर सिंह ने बताया कि यह बात सही है कि पांच करोड़ की लागत से अधिक के भवनों का निर्माण भवन खंड को ही करना होता है। इसमें कहां से खामी आ रही है, उसका अध्ययन कर जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।