बस्ती। अचानक बदले मौसम ने शुक्रवार को फिर हैरान कर दिया। सुबह तेज हवा के बीच जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश से दस दिन के अंदर दूसरी बार किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। हर्रैया क्षेत्र में झमाझम बारिश से गेहूं की फसल धराशायी हो गई, वहीं अन्य क्षेत्रों में बूंदबांदी से भी फसलों को नुकसान हुआ है। कृषि के जानकार बताते हैं कि फसल भीग जाने के कारण गेहूं के दाने बदरंग हो जाएंगे। भूसा भी उतना अच्छा नहीं होगा। इस बीच तापमान में गिरावट से मौसम सुहाना हो गया है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री था मगर शुक्रवार को इसमें तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। यानी शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
मार्च के अंतिम 10 दिनों में दूसरी बार बारिश ने किसानों को निराश किया है। इससे पहले 20-21 मार्च को पूरे जिले में देर शाम तेज हवा के साथ हुई बारिश ने खेत में तैयार और अधपकी फसलों को चौपट कर दिया था। सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था।
शुक्रवार सुबह अच्छी धूप निकली थी, लेकिन, साढ़े आठ बजे के बाद अचानक घने बादल छा गए। तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। सोनहा, भानपुर, रुधौली, बभनान, परशुरामपुर, कलवारी, कप्तानगंज, नगर बाजार, कलवारी, बनकटी, दुबौला, सिकंदरपुर, बनकटी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र में बारिश और उससे होने वाले नुकसान की सूचना दी है।
अब बारिश के आसार कम
- आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और अरब सागर की तरफ से आई गर्म हवाओं के हिमालय के ऊपर टकराने की वजह से बारिश का सिस्टम बन गया। अगले 24 घंटे तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि तेज बारिश होने के अब आसार नहीं हैं। औसत तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है। वातावरण में भरपूर नमी बरकरार है।
-
उत्पादन पर पड़ेगा बुरा असर
- कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया के फसल सुरक्षा विज्ञानी डॉ. प्रेमशंकर ने बताया कि फसलों को गिर जाने से उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। सूख चुकी फसल के दाने बदरंग हो जाएंगे। जो सरसों की फसल अभी कटाई या मड़ाई नहीं हो पाई है उसके दाने झड़ जाएंगे। इससे किसानों को काफी नुकसान होगा।
बारिश के बाद राहगीरों को हुई कठिनाई
बस्ती। बारिश के बाद खराब सड़कों पर आने जाने में राहगीरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। शहर के रौता, माली टोला, तुर्कहिया, अमहट, बभगनगांव, फव्वारा चौराहा आदि क्षेत्रों में पानी के कारण कीचड़ हो गया।
-
33 प्रतिशत नुकसान होने पर ही मिलेगा मुआवजा
- एडीएम ने बताया कि 21-22 मार्च को जिले में हुई बारिश से फसलों के नुकसान का आंकलन कराया गया। लेकिन, नुकसान 33 प्रतिशत नहीं मिला। इससे कम होने पर किसी प्रकार का मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। बताया कि नुकसान का आंकलन 33 प्रतिशत या इससे अधिक होने पर ही मुआवजे की रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है।