बस्ती/लालगंज। जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल योजना’ ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, मगर कुदरहा क्षेत्र के ग्राम बारीघाट में यह योजना आज भी सिर्फ कागजों में ही पूरी दिखाई देती है। 3.38 करोड़ की इस अधूरी परियोजना को कागज में पूर्ण दिखाकर भुगतान करा लिया गया मगर अभी तक नलकूप से एक बूंद भी पानी नहीं टपका है।
मार्च 2023 में शुरू हुआ यह कार्य वैसे तो बोर्ड में मार्च 2024 में पूर्ण दिखा दिया गया है, मगर तीन वर्ष बाद भी गांव में पानी नहीं पहुंचा। ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन और नलकूप कार्य अधूरा है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, इस योजना पर करीब 3.38 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। बावजूद इसके पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना पूरी तरह से फेल है। निर्माण तक पूर्ण नहीं है और कागज में इसे पूर्ण घोषित कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि शासन इस योजना की वास्तविक स्थिति की जांच कराए और दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई करते हुए योजना को शीघ्र सुचारु कराया जाए, ताकि गांव के हर घर तक पेयजल की सुविधा वास्तव में पहुंच सके। फिलहाल, ग्रामीणों की अभी जल जीवन मिशन की योजना के तहत पानी मिलने की आस पूरी होती नहीं दिख रही है।
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पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी लटका
कुदरहा के ग्राम पंचायत बारीघाट में न तो पानी की टंकी का निर्माण पूरा हुआ है न ही नलकूप व अन्य कार्य। पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी अधूरा छोड़ दिया गया है। इससे दो ग्राम पंचायतों बारीघाट व चौबाह ग्राम के करीब पांच हजार से अधिक आबादी शुद्ध पेयजल के तरस रही है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के आने से उम्मीद थी कि शुद्ध पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, मगर तीन साल बीत गए इंतजार खत्म नहीं हुआ। गावों में जगह-जगह पाइपलाइन डालने के लिए सड़क की खुदाई की गई, जिससे सड़कों की हालत भी खराब हो गई है। अधूरे कार्य के कारण न तो सड़कें सही हो पाईं और न ही पानी की सुविधा मिल सकी। ग्राम प्रधान अरुण कुमार चौधरी, अजय कुमार यादव, लालजी यादव परमात्मा चौधरी ने बताया कि गर्मी में जब इस परियोजना की जरूरत पड़ी तो अभी अधूरी है। लोगों को दूर-दराज के हैंडपंपों या अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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परियोजना पर एक नजर
कार्यदायी संस्था : जलनिगम ग्रामीण उ.प्र.
योजना का नाम : बारीघाट व चौबाह पेयजल योजना कुदरहा
योजना की लागत : 3.38 करोड़ रुपये
आरंभ तिथि : 15-03-2023
कार्य पूर्ण होने की तिथि : 14-03-2024
कुल लाभांवित ग्राम पंचायतों की संख्या : दो
वर्तमान लाभांवित जनसंख्या : 4317
गृह संयोजन की संख्या : 686
पाइपलाइन की लंबाई : 16530 मी.
अवर जलाशय की क्षमता/ऊंचाई : 275 कि.ली./12 मी.
फर्म का नाम : मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लि.
कोट
बजट की कमी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था। अब जेई से अधूरे कार्यों की रिपोर्ट लेकर जल्द ही काम फिर से शुरू कराया जाएगा। बोर्ड पर संशोधन तिथि लिखी जाएगी।
-योगेंद्र प्रसाद, अधिशासी अभियंता जलनिगम, ग्रामीण