बस्ती। तीन दिन से बेटे के साथ लापता जिला पंचायत सदस्य का अभी कुछ सुराग नहीं लग सका है। पुलिस मोबाइल एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों का पता लगाने में जुटी है। मगर अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है। इधर सीएसपी संचालक पिता-पुत्र के लापता होने की जानकारी के बाद इनके जरिये बैंक में रुपये जमा करने वाले ग्राहक भी परेशान होने लगे हैं। शुक्रवार को इस केंद्र से जुड़े कई ग्राहक अपने पासबुक और एफडी प्रपत्र के साथ संबद्धता वाले ब्रांच एसबीआई केशवर पहुंचे। उपभोक्ताओं ने यहां शिकायत दर्ज कराई है। पैकौलिया थाना क्षेत्र के औरातोंदा गांव निवासी जवाहरलाल हर्रैया द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य है। बेटे दिवाकर विक्रम के साथ 15 अप्रैल को लापता होने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं आम हो गई है। घर पर पत्नी और बच्चे सुसाइट नोट में आत्महत्या की बात लिखने के कारण व्याकुल हैं। उसके घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग बताते हैं कि जवाहरलाल काफी मिलनसार स्वभाव का था। वर्ष 2000 के पहले मुलायमगंज में एक काॅन्वेंट स्कूल में वह पढ़ाते भी रहे। जिससे क्षेत्र में गुरुजी के नाम से चर्चित हो गए थे। 2002 में वह जयगुरुदेव का भक्त बन उनका चोला धारण कर लिया। इससे उन्हें और लोकप्रियता मिली। करीब 10 साल वह अपने बेटे दिवाकर के नाम पर एसबीआई केशवपुर शाखा के अधीन मुलायमगंज चौराहे पर सीएसपी खोलकर उसे पिता-पुत्र मिलकर संचालित करते थे। 2021 में वह हर्रैया द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। 1700 वोटों के अंतर से वह चुनाव भी जीता। ग्रामीण बताते हैं कि जिला पंचायत सदस्य के पिता बदरी भी करीब 9 वर्ष पहले घर से नाराज होकर भाग गए थे। तब से वह लापता है। जिला पंचायत सदस्य के पांच बेटे दिवाकर, सुधाकर, दिलीप, चंदन, शिवा और बेटी करिश्मा और पत्नी विद्यावती हैं। लोगों का कहना है कि सीएसपी सेंटर संचालित करने के दौरान वित्तीय अनियमितता की उसे लत पड़ गई थी। बैंक उपभोक्ताओं का रुपया हड़पने के अलावा कई लोगों से ब्याज पर भी रकम ले लिया था। सिर पर कर्ज का अधिक बोझ होने के कारण वह बेटे के साथ लापता हो गया है। उधर में सुसाइट नोट में दोनों के आत्महत्या की बात लिखे जाने से परिवार के लोगों का रो- रो कर बुरा हाल है।
रुपये की बरामदगी के लिए बैंक शाखा पहुंचे उपभोक्ता
पैकोलिया। सीएसपी संचालक पिता-पुत्र के लापता होने की खबर मिलने के बाद ही शुक्रवार को तमाम ग्राहक संबद्ध बैंक शाखा एसबीआई केशवरपुर पहुंचे। ग्राहकों का कहना था कि जिला पंचायत सदस्य ने अपने मिलनसार होने का खूब फायदा उठाया। क्षेत्र के काफी लोग उसके सीएसपी के ग्राहक बन गए थे। बैंक अधिकारियों ने एफडी एवं अन्य जमा खातों में सीएसपी संचालक की ओर से वित्तीय अनियमितता पकड़ी तो फटकार लगाई। इसके बाद ही पिता-पुत्र दोनों घर पर सुसाइड नोट छोड़ लापता हो गए हैं। क्षेत्र के मुइली गांव के सुभाष निषाद, सुनीला देवी, सोनिया, महादेवा गांव की राजेश कुमारी, मिठ्ठू यादव, यमुना प्रसाद, आमभारी लाल के मुन्नी देवी, पिकौरा गांव की कुसुम, शकुंतला देवी औरातोंदा के बृजकिशोर, साविरा खातून, शिवशंकर, फुलगेना देवी समेत काफी संख्या में लोग लाखों रुपये के हेराफेरी किए जाने की शिकायत बैंक में दर्ज कराए हैं। सुनीला देवी और बृजकिशोर ने बताया कि इसी माह उनकी लड़की की शादी है। सोचे थे अपना रुपया सीएसपी के माध्यम से निकालकर काम चलाएंगे। अचानक संचालक पिता-पुत्र के लापता होने से उनके अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
सीएसपी मुलायमगंज से जुड़े ग्राहकों का प्रार्थना पत्र ले लिया गया है। इस सेंटर पर तमाम वित्तीय अनियमितता सामने आईं हैं। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया जा रहा है। लोगों का रुपया दिलाने में बैंक पूरी मदद करेगा।
संजीव कुमार वर्मा, शाखा प्रबंधक, एसबीआई, केशवपुर।
जिला पंचायत सदस्य और उनके बेटे के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद पैकोलिया थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों का पता लगाने के लिए पुलिस टीमें भी लगाई गई है। प्रयास हैं कि सकुशल दोनों की बरामदगी हो जाए।
स्वर्णिमा सिंह, सीओ हर्रैया।