कप्तानगंज। दुबौलिया ब्लॉक के महुलानी गांव में ग्रामीणों की शिकायत पर विकास कार्यों की जांच में सरकारी धन के बंदरबांट की पुष्टि हुई है। दो माह पहले जांच हुई थी। इसमें सरकारी धन को खपाने में कई तरह की अनियमितता उजागर हुई है। टीम के अनुसार, जल्द रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
महुलानी बुजुर्ग गांव के मो. नईम ने सीएम पोर्टल और डीएम से 28 फरवरी को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया था कि उनके गांव में विकास कार्य के नाम पर फर्जीवाड़ा करके सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया गया है। डीएम ने इस मामले में डीपीआरओ को जांच के लिए निर्देशित किया था। 25 मार्च को जिला लेखा परीक्षा अधिकारी अनिल सिंह, पीडब्ल्यूडी के जेई आकाश वर्मा की टीम ने विकास कार्यों की जांच की। राम चरित्र के मशीन से शिवमूरत के चक तक मिट्टी कार्य में 88,974 रुपये के फर्जीवाड़ा, साइन बोर्ड के नाम पर 66,180 और नेपाल के चक से कब्रिस्तान तक मिट्टी कार्य के नाम 1,02,876 रुपये के बंदरबांट का मामला सामने आया। टीम ने 13 जून को जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। जांच अधिकारी जिला लेखा परीक्षा अधिकारी अनिल सिंह ने बताया कि जांच में अनियमितता पाई गई है। रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। सरकारी धन के रिकवरी की भी संस्तुति की गई है।