संवाद न्यूज एजेंसी
विक्रमजोत। छावनी पुलिस ने मंगलवार को विक्रमजोत कस्बे के एक स्कूल से किशोरी अपने कथित प्रेमी के साथ लापता हो गई थी।
किशोरी के परिजनों ने बुधवार को छावनी थाने में आरोपी किशोर और उसकी माता-पिता, भाई मित्र सहित आठ लोगों पर केस दर्ज कराया। केस दर्ज होने खबर मिलते ही बुधवार को लापता किशोरी प्रेमी के साथ वापस आ गई।
मामले के विवेचक चौकी प्रभारी विक्रमजोत रितेश कुमार सिंह ने दोनों को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बृहस्पतिवार को विवेचक रितेश कुमार सिंह नियमानुसार किशोरी का बयान कराने के लिए सीडब्ल्यूसी न्यायपीठ के सामने प्रस्तुत किया। सीडब्ल्यूसी ने किशोरी के बयान और गंभीरता से पूछताछ के बाद संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने विवेचक को कड़ी फटकार लगाते हुए बताया कि लापता किशोरी एक दिन पहले पुलिस हिरासत में आ गई तो दूसरे दिन दोपहर के बाद न्याय पीठ के सामने क्यों प्रस्तुत किया गया।
अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने न्याय पीठ को संज्ञान में लिए बिना किशोरी को पहले परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि दबाव बनाकर मनमाफिक बयान दिलाने के लिए विवश कराया जा सके।
वहीं किशोरी का मेडिकल भी नहीं हुआ, जिसे बाद में मेडिकल के लिए भेजा गया ।
इस संबंध में सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने बताया कि छावनी पुलिस बाल अधिनियम 2015 के दिशा-निर्देशो का पालन नहीं कर रही है। इसके लिए उसे चेतावनी दी गई है।