पुरानी बस्ती। शनिवार को वर्ल्ड क्लबफुट डे के अवसर पर जिला अस्पताल बस्ती के सभागार में क्लबफुट से प्रभावित परिवारों के साथ संवाद आयोजित किया गया, ताकि बच्चों में इस स्थिति की समय पर पहचान और शीघ्र उपचार के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डाॅ. खालिद रिजवान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सहयोगी संस्थाओं के निरंतर प्रयासों से जिला अस्पताल में क्लबफुट से प्रभावित बच्चों को सहयोग मिल रहा है जिसकी मदद से वे चल, दौड़ और सामान्य जीवन जी सकें। ऑर्थोपेडिक चिकित्सक डॉ. अनिल प्रजापति ने बताया कि क्लबफुट एक जन्मजात स्थिति है, जिसमें बच्चे के पैर जन्म के समय अंदर की ओर मुड़े होते हैं। यह लगभग हर 800 नवजात शिशुओं में से 1 को प्रभावित करता है।