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निजी अस्पतालों को देर रात तक खंगालती रही टीम

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निजी अस्पतालों को देर रात तक खंगालती रही टीम
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बस्ती। महिला अस्पताल में इलाज कराने देर शाम पहुंची गर्भवती को आशा ने बरगला कर एक नर्सिंग होम के हवाले कर दिया। इसकी भनक लगने के बाद डीएम आशुतोष निरंजन ने तहसीलदार सदर पवन जायसवाल को अस्पताल भेजा, जहां गर्भवती को इलाज से पहले ही नर्सिंग होम में पहुंचाने की पुष्टि हो गई। इसके बाद प्रशासनिक अमला गर्भवती को ढूंढने में देर रात तक कई नर्सिंग होम को खंगाला। बाद में टीम ने जिला अस्पताल के पास स्थित एक नर्सिंग होम में गर्भवती को खोज निकाला। पूछताछ में पुष्टि के बाद टीम ने वीडियोग्राफी कराई। इसके बाद टीम लौट गई।
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ग्रामीण इलाके की एक गर्भवती शहर के एक नर्सिंग होम में इलाज करा रही थी। तीन मार्च को अचानक उसे रक्तस्राव शुरू हो गया। वह संबंधित नर्सिंग होम पर पहुंची तो डॉक्टर ने खून की व्यवस्था करने को कहा। तमाम प्रयास के बाद जब परिवार के लोग खून लाने में सफल नहीं हुए तो नर्सिंग होम की डॉक्टर ने उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराने को कह दिया। इसके बाद रात करीब आठ बजे वह महिला अस्पताल पहुंची, मगर यहां डॉक्टर से दिखाने के पहले ही कुछ महिलाएं जो अपने को आशा बता रही थीं ने गर्भवती को बेहतर इलाज का झांसा देकर फंसा लिया और एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। इसकी बात की जानकारी होने पर डीएम ने तहसीलदार को महिला अस्पताल भेजा, जहां तमाम तथ्य एकत्रित करने के बाद प्रशासनिक टीम मरीज को खोजने में जुट गई। देर रात मरीज से प्रशासनिक टीम की मुलाकात हुई, जहां पूछताछ में मरीज के परिजनों ने दबी जुबान सारी बात बता दी। तहसीलदार ने कहा कि महिला अस्पताल में आशा कार्यकर्ताओं का नेटवर्क कुछेक निजी अस्पतालों की दलाली कर मरीजों को फंसाते हैं। उन्हें निजी नर्सिंग होम में पहुंचाकर वे मोटी रकम कमा रही हैं। इसकी पुष्टि हो गई है। आशा को भी चिह्नित कर लिया गया है। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है।
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