गौर। सड़क दुर्घटना में घायल युवक को रात में गौर सीएचसी पर इलाज न मिलने से स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। शुक्रवार की रात करीब 10 बजे चकचई ओवरब्रिज पर रोहन (25) सड़क दुर्घटना में घायल हो गए।
स्थानीय लोग इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर ले गए। रात में डॉक्टर के न रहने पर घंटों इलाज के लिए मरीज तड़पता रहा। अस्पताल में डॉक्टरों के मौजूद न रहने पर स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। हंगामा देख फार्मासिस्ट ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, गौर थाना क्षेत्र के रामवापुर गांव निवासी रामतीरथ का बेटा रोहन कहीं गया था। रात में बाइक से घर लौटते समय गौर बाजार के पास स्थित चकचई ओवरब्रिज पर रात में अज्ञात कार ने टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
आसपास के लोगों ने घायल युवक को इलाज के लिए सीएचसी पर ले गए, जहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला और घंटों इलाज के लिए युवक तड़पता रहा। सूचना पाकर परासडीह गांव के भाजपा नेता पंडित अमन शुक्ल अपने साथियों के साथ अस्पताल पर पहुंचे और इलाज के लिए ओपीडी कक्ष व आवास पर चक्कर लगाते रहे, मगर कोई डॉक्टर नहीं मिले।
उन्होंने सीएमओ को फोन के माध्यम से अस्पताल की हकीकत से अवगत कराया और ड्यूटी से लापता रहने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। इलाज न होने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। अमन शुक्ल ने फोन से सीएमओ को बताया कि 4 फरवरी की रात 11:10 बजे उनकी माता सुषमा शुक्ला की तबीयत खराब होने पर अस्पताल लेकर आए। लेकिन उस समय भी कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। ऐसे में मजबूर होकर प्राइवेट अस्पताल में दिखाना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की बात कही जा रही है, लेकिन गौर सीएचसी पर कर्मचारियों की मनमानी के चलते लोगों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।