बस्ती। विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को सहकारी प्रशिक्षण का आयोजन हुआ। इसमें किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता रवि शंकर ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए रसायनिक खादों का प्रयोग संतुलित मात्रा में करें। फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन कर उन्हें मिट्टी में मिलाएं। जैविक खादों का अधिकाधिक उपयोग करें।
क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर से आए रीजनल मैनेजर कौशिक पांडेय ने सभी सचिवों की बातों को सुना। उनकी समस्याओं का निदान करने का आश्वासन भी दिया। कहा कि मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता बरकरार रखने के लिए रसायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करें। नैनो उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए निर्देशित किया। कहा कि रसायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी को नुकसान पहुंच रहा है। खेतों की उर्वरा शक्ति लगातार प्रभावित हो रही है।
यदि आज खेतों को सुरक्षित नहीं रखेंगे तो भविष्य में फसलों के उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा। इसलिए आवश्यक है कि रासायनिक उर्वरकों की खपत को कम करते हुए प्राकृतिक और संतुलित खेती की ओर बढ़ा जाए। क्षेत्रीय अधिकारी इफको बस्ती शुभम विश्वकर्मा ने कहा कि किसान फसलों में अनुशंसित मात्रा से अधिक उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे लागत बढ़ने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।
सामान्य उर्वरकों के स्थान पर नैनो उर्वरकों के प्रयोग से किसानों की लागत कम होगी, उत्पादकता में वृद्धि होगी। अनुज कुमार गौतम, राम शरण चौधरी, अजीत सिंह, पंकज सिंह, श्याम नारायण वर्मा मौजूद रहे।