बारूद के कण भी पहुंचा रहे नुकसान, आंखों में आ रही लाली
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आजकल लोगों की आंख में परेशानी बढ़ गई है। उबड़-खाबड़ सड़कों पर चलने के दौरान धूल उड़ने से उसके कण आंखों में पड़ रहे हैं। वहीं दीपावली में चौतरफा हुई आतिशबाजी के चलते हवा में मिल गए बारूद के हानिकारक कण भी आंखों में पड़ रहे हैं। इसकी वजह से आंख के मरीज बढ़ गए हैं। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक बच्चे, बुजुर्ग, जवान सभी आंख से परेशान होकर पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में सोमवार को बेमौसम आंख के 25 से 30 मरीज पहुंचे। इसी तरह ओपेक चिकित्सालय कैली में भी आंख के मरीजों की संख्या बढ़ी रही। डॉक्टरों का कहना है कि हवा के साथ धूल एवं बारूद के बारीक कण आंख के संपर्क में आ रहे हैं। इससे आंखों में लाली, दर्द और पानी गिरने की समस्या आ रही है। आतिशबाजी करने वाले कुछ बच्चे भी इस बीमारी की चपेट में है। दवा-उपचार के बाद सप्ताह भर में यह समस्या ठीक हो रही है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वीपी त्रिपाठी ने बताया कि खुले में चलने के दौरान आंखों में चश्मा जरूर लगाएं। इससे सीधी हवा आंखों में नहीं पड़ेगी। एक्यूआई बढ़ने से भी आंखों पर प्रभाव पड़ सकता है। यदि आंख में जलन हो रही हो अथवा लाली के साथ पानी गिर रहा हो तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। 40 की उम्र के बाद आंख का टेस्ट समय-समय पर कराते रहना चाहिए।