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Basti News: आंख में संक्रमण के बढ़े मरीज लालिमा व कीचड़ से परेशानी

Tue, 30 Sep 2025 02:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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जिला अस्पताल में आंख की जांच करते नेत्र सर्जन डॉ. बीके यादव - फोटो : विभाग
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बस्ती। जिला अस्पताल में आंख में संक्रमण के मरीज बढ़ गए हैं। लालिमा व कीचड़ से परेशान मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। खुजली के साथ आंख लाल हो रही है। डॉक्टर का कहना है कि मौसम बदलाव से एलर्जी के कारण आंख में संक्रमण हो रहा है। इस समय आंखों के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है।
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बारिश के बाद से तापमान में उतार-चढ़ाव और उमस से बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनप रहे हैं। इससे आंखों में एलर्जी और कंजक्टिवाइटिस (आंखों का लाल होना) हो रहा है। न सिर्फ मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी बल्कि निजी अस्पतालों में भी इनके रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। नेत्र रोग विशेषज्ञ के अनुसार, कंजक्टिवाइटिस वायरस और बैक्टीरिया दोनों से हो सकता है। इसमें कंजक्टिवा (आंख का सफेद हिस्सा और पलकों की अंदरूनी झिल्ली) में सूजन आ जाती है। आंखें लाल हो जाती हैं और आंसू आने के साथ किरकिराने लगती हैं। आंख में दर्द भी होने लगता हैं और सूरज की रोशनी में आने पर दिक्कत होती है।
डॉक्टरों का कहना है कि उपचार कराने से सामान्यत: 7-8 दिन में कंजक्टिवाइटिस ठीक हो जाती है। मगर, लापरवाही होने पर दिक्कत बढ़ जाती है। लोग डॉक्टर को दिखाने के बजाय मेडिकल स्टोर अथवा अपने हिसाब से आंख में दवा डाल लेते हैं, जिसमें स्टेरॉयड होती है। स्टेरॉयड से जल्द राहत मिल जाती है और कंजक्टिवाइटिस सही होने का अहसास होता है, मगर वह दवा बंद होते ही घातक हो जाता है। सूजन होने के साथ दिक्कत बढ़ जाती है, जिससे रोशनी को नुकसान हो सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके यादव ने बताया कि कंजक्टिवाइटिस होने पर डॉक्टर को दिखाएं। अपने स्तर से या मेडिकल स्टोर से दवा नहीं लें। स्टेरॉयड से तुरंत राहत मिलती है मगर कुछ दिन बार स्थिति बिगड़ जाती है। इनके रोगियों की संख्या बढ़ी है। बताया कि बरसात के बाद आंखों की एलर्जी और कंजक्टिवाइटिस के रोगियों का ओपीडी में आना शुरू हो गया है।
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कंजक्टिवाइटिस के लक्षण
आंख से पानी आना
कीचड़ आना
जागने पर आंख चिपकना
आंख का किरकिराना

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ये सावधानी बरतें
साफ तौलिया और रुमाल से आंख पोंछें
खुजली होने पर आंख को रगड़ें नहीं
चश्मा पहनें ताकि आंख को राहत मिले
आंख पोंछने के बाद तुरंत हाथ धोएं
संक्रामक रोग हैं इसलिए दूरी बनाकर रखें

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अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में आई ड्राॅप है। चिकित्सक की सलाह से ही दवाएं लें। बाहरी दवा लिखने पर मनाही है। ओपीडी में मरीजों के हिसाब से व्यवस्था बनाई गई है। -डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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