कलवारी में मरीज देखते डाॅ. रितेश राव। संवाद
बस्ती। बदलते मौसम के कारण इस बार जन आरोग्य मेले में मरीजों की संख्या अच्छी-खासी रही। अधिकतर मरीज गले में इंफेक्शन, खांसी और वायरल बुखार आए। डॉक्टर ने दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी। बभनान पीएचसी पर महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। कलवारी संवाद के अनुसार, सीएचसी बहादुरपुर में 22 मरीज इलाज कराने पहुंचे। डाॅ. रितेश राव ने बताया कि बुखार, खांसी, उल्टी, पेट दर्द तथा हड्डी रोग के 22 मरीजों का इलाज किया गया। इस दौरान फार्मासिस्ट घनश्याम सिंह, लैब टेक्नीशियन राजेश यादव, स्टाफ नर्स शशि वर्मा, वार्ड बॉय दीपचंद व श्यामजी आदि मौजूद रहे। बभनान संवाद के अनुसार, बभनान पीएचसी पर होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. आशुतोष गुप्ता की देखरेख में आरोग्य मेले का आयोजन किया गया।
इस दौरान 170 मरीजों की जांच कर दवा दी गई। डॉक्टर ने बताया कि बदल रहे मौसम के कारण सर्दी, जुकाम, खांसी सहित गैस, पेट दर्द के मरीजों की संख्या अधिक रही। मेले में महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई थी। यहां पर दो साल से चिकित्सक तैनात नहीं किए गए हैं। ऐसे में होम्योपैथिक और आयुर्वेद के चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार किया।
इस दौरान फार्मासिस्ट राजकरन चौधरी, कृपा शंकर शुक्ला, सुरेंद्र सिंह, एएनएम श्वेता देवी आदि मौजूद रहे।
आरोग्य मेले से मरीजों का मोह भंग : बनकटी। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला महज औपचारिकता बन कर रह गया है। बनकटी पीएचसी में कागज पर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। रविवार को ओपीडी में डाॅ. अभिषेक यादव ने दोपहर 2:30 बजे तक महज 15 मरीजों का इलाज कर परामर्श दिया। इस दौरान एक्स-रे कक्ष बंद मिला और कई मरीजों को लौटना पड़ा। संवाद