सिंचाई विभाग की ओर से बनाई गई नहर किसानों के आवश्यकता पर बेमतलब साबित होती है। उपेक्षा से आजिज किसान खेतों की सिंचाई के लिए डीजल इंजन के सहारे खेत की प्यास बुझाते हैं, जिससे उनकी उपज महंगी हो जाती है।
ब्लॉक क्षेत्र में सरयू नहर खंड चार के नाम से 20 किलोमीटर में किसानों की सुविधा के लिए नहरों का जाल बिछाया गया है। इस नहर में पानी देकर किसानों के खेत को जरूरत भर की सिंचाई की व्यवस्था बनाई गई है, मगर इन दिनों इसकी जरूरत है तो नहर बेपानी हो गई है। इसके चलते जुताई और बुआई कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान रामसजीवन, कन्हैया प्रसाद, हरिराम, बब्लू, साहबदीन, राजा तिवारी, विनोद कुमार, गंगाराम ने बताया जब से नहर बनाई गई है, तब से ही खेत में समय से पानी नहीं पहुंच पाता है। कभी आ भी जाए तो टेल तक पानी न पहुंच पाने के कारण सिंचाई कर पाना मुश्किल होता है। इस समय पानी की जरूरत है तो नहर बेपानी हो गई है। किसानों ने नहर में पानी छोड़ने की मांग उठाई है।