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Basti News: पलभर के आवेश में ममता भरा आंचल बेटे के खून से लहूलुहान

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हरदी गांव में घटना के बाद पूर्व प्रधान संदीप के घर जुटी भीड़। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती/ कप्तानगंज। गृह कलह से उपजे आवेश में कीर्ति ने अपनी ही गोद हमेशा के लिए सूनी कर डाली। जिस बेटे को नाै महीने तक गर्भ में पाला और फिर उसे लेकर जाने कितने सपने संजोए उसके खून से अपना दामन लहूलुहान कर लिया। बेटे का खून देख क्षोभ से भर गई और अपनी गर्दन पर चाकू से वार करने के बाद हाथ की नस काटकर शायद खुदकुशी की भी कोशिश की। इस वारदात की जिसे भी खबर हुई उसका दिल दहल उठा। दबी जुबान लोग कीर्ति को कोसते नजर आए।

कप्तानगंज क्षेत्र के हरदी खास गांव के रहने वाले पूर्व प्रधान संदीप सिंह के घर में बुधवार की सुबह उस समय कोहराम मच गया जब उनकी पत्नी कीर्ति सिंह ने छह साल के मासूम बेटे प्रभव को बेडरूम में ले जाकर चाकू से उसका गला रेत दिया। शायद तब उसे अपने क्रूर कदम का एहसास हुआ तो उसने अपने गले और हाथ पर भी चाकू से प्रहार कर खुद को भी मिटा देने की कोशिश की। घबराहट में चिल्लाई तो बंद कमरे निकली आवाज ने घर में माैजूद बूढ़ी सास को अनहोनी की आशंका में डाल दिया। गनीमत रही कि शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग जुटे और पुलिस को सूचना दी गई।
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माैके पर पुलिस नहीं पहुंचती तो कीर्ति जाने क्या कदम उठा लेती। इस मामले की जानकारी के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस अधिकारियों का आना जाना शुरू हुआ तो आसपास के लोगों ने किनारा कर लिया। इस मामले में गांव में कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। एएसपी श्यामकांत, सीओ कलवारी संजय सिंह, थानाध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव मय फोर्स मौके पर मुस्तैद रहे। मासूम बच्चे का शव देख माैजूद लोगों की आंखें छलकती नजर आईं।
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बेटे, पति और सास के साथ रहती थी कीर्ति

मामले की जांच में पुलिस मुख्य वजह गृह कलह मान रही है। संदीप अपने मां-बाप के इकलौते बेटे हैं। उनकी इकलौती बहन की शादी गोंडा जिले में हुई हैं। संदीप की शादी वर्ष 2019 में गोरखपुर के सहजनवां क्षेत्र के पिपरा गांव की कीर्ति के साथ हुई थी। शादी के एक साल बाद ही बेटे प्रभव का जन्म हुआ था। संदीप के पिता की मौत पांच साल पहले हो गई थी। घर पर संदीप, पत्नी कीर्ति, बेटा प्रभव और उनकी बुजुर्ग मां सुनैना देवी रहती थीं। जीवन यापन के लिए संदीप सिंह पोल्ट्री फार्म और मछली पालन करते हैं। वह गांव के प्रधान भी रह चुके हैं। बताया जा रहा उनके घर में कलह काफी दिनों से चल रहा था। पहले कीर्ति की सास से अनबन थी। इधर पति से भी मनमुटाव हो गया था। बुधवार की सुबह संदीप की पत्नी से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद संदीप पोल्ट्री फार्म पर मजदूर को चाय देने के लिए चले गए। पत्नी कीर्ति, बेटा प्रभव और उनकी मां सुनैना घर पर मौजूद थीं। इसी बीच कीर्ति ने बेटे को कमरे में बंद कर उसे मार डाला। जब घर के लोग दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो वह चाकू हाथ में लेकर खड़ी हो गई। गांव के कुछ लोग और पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया लेकिन, वह काबू में नहीं थी। कुछ देर के बाद उसकी भी हालत बिगड़ने लगी तब वह शांत हुई। पुलिस के अनुसार इधर हाल में पति- पत्नी के संबंध ठीक नहीं चल रहे थे।
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