बस्ती। पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को विद्युत कर्मी पूरे दिन विरोध सभा करेंगे। मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में आयोजित विरोध सभा सुबह 10 से शाम पांच बजे तक चलेगा। संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि यदि आंदोलन का कुचलने की कोशिश की गई तो विद्युत कर्मचारी जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे।
बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में अभी तक विद्युतकर्मी दोपहर तीन बजे से पांच बजे तक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। संघर्ष समिति सह संयोजक पंकज कुमार ने कहा कि पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के निर्णय का कर्मचारी नेता शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे लेकिन सरकार उनकी सुन नहीं रही है। दोनों निगमों में यदि नियमित और संविदा कर्मचारियों की संख्या जोड़ दी जाए तो यहां तकरीबन 77 हजार कर्मचारी काम करते हैं। यह कर्मचारियों के भविष्य का सवाल है।
संघर्ष समिति किसी भी हाल में विद्युत निगमों का निजीकरण नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि पूरा आंदोलन शांति पूर्ण ढंग से चल रहा है।
संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि अपनी मांगों को मंनवाने के लिए बृहस्पतिवार से पूरे दिन विरोध सभा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने की कोशिश करेगी और किसी कर्मचारी नेता को गिरफ्तार करेगी तो दोनों ही विद्युत निगमों के सभी कर्मचारी जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे।