बस्ती। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के बाद अक्सर अधिक दूरी को लेकर आपत्तियां आती है। परिषद के मानक के अनुरूप विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र उनके अध्ययनरत विद्यालय से अधिकतम आठ किमी दूरी पर होना चाहिए। लेकिन, केंद्र निर्धारण के समय कुछ परीक्षार्थियों के लिए इस मानक का पालन नहीं हो पाता है। पिछले साल एक दर्जन केंद्रों पर यह समस्या सामने आई थी।
यदि इस बार परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में दूरी के मानक का ख्याल नहीं रखा गया तो फिर से आपत्तियों की भरमार होगी। विद्यालय और अभिभावक अधिक दूरी पर केंद्र बनाए जाने को लेकर आपत्तियां दर्ज कराते हैं। अमूमन केंद्रों में बदलाव नहीं हो पाता है। जिससे कुछ विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए मानक से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। विद्यालय संचालक एवं शिक्षकों का कहना है ऑनलाइन केंद्र निर्धारण में दूरी के मानक का ख्याल पहले से ही रखना होगा।
सत्यापन के समय यह देखना होगा कौन सा विद्यालय सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित है। यदि संबंधित विद्यालय के आठ किमी परिधि में कोई माध्यमिक विद्यालय नहीं संचालित हो रहा है तो परिषद को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में इसका स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। यह कार्य केंद्र निर्धारण से पहले ही सुनिश्चित होना चाहिए। तभी अधिक दूरी पर केंद्र निर्धारण की समस्या बचा जा सकता है।
जिला विद्यालय निरीक्षक उदयभान वर्मा ने कहा कि सत्यापन में एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय की दूरी, संसाधन, परिसर, गेट, प्रशासनिक भवन, परीक्षा कक्ष, सीसीटीवी कैमरा, निर्बाध विद्युत आपूर्ति समेत सभी बिंदुओं पर गहनता जांच की जा रही है। स्थलीय सत्यापन में इन बिंदुओं को शामिल करते हुए परिषद को रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। वैसे ऑनलाइन केंद्र निर्धारण होने के बाद भी सुधार का एक मौका दिया जाता है।ी